अमर प्रकरण भूलकर जन आंदोलन

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे अमर सिंह प्रकरण को भुलाकर मायावती सरकार के ख़िलाफ़ जनसंघर्ष के लिए सडकों पर उतरें.
समाजवादी पार्टी ने मंगलवार 19 जनवरी को राज्यव्यापी संघर्ष का ऐलान किया है. मुलायम सिंह स्वयं लखनऊ में रहकर प्रदर्शन और संघर्ष की अगुआई करेंगे. मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह का इस्तीफ़ा स्वीकार करने के बाद पहली बार राजधानी लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस की, लेकिन वे अमर सिंह से संबंधित सभी सवाल टाल गए. मुलायम सिंह ने कहा, "मैं पीछे नही देखता. जो हो गया उसे पीछे छोड़कर आगे की बात करो. आगे संघर्ष में जाना है. जनता के दुख दर्द में संघर्ष नहीं करेंगे तो जनता माफ़ नही करेगी.''
चुप्पी पत्रकारों ने अमर सिंह के मामले पर लगातार कई सवाल किए, लेकिन वे जैसे तय करके आए थे कि कुछ नही बोलना है.
पत्रकारों ने अमर सिंह के मामले पर लगातार कई सवाल किए, लेकिन वे जैसे तय करके आए थे कि कुछ नही बोलना है.
एक पत्रकार ने फिर पूछा क्या अब पार्टी में केवल शुद्ध समाजवादी रहेंगे न कि बहुरूपिए, तो वे तल्ख़ होकर बोले, "समाजवाद किसी की बपौती नहीं है. डॉक्टर लोहिया, नरेंद्र देव, कर्पूरी ठाकुर और राजनारायण नहीं रहे तो भी समाजवाद आगे बढ़ रहा है." मुलायम यह सवाल भी टाल गए कि क्या आज़म ख़ान दोबारा पार्टी में आएँगे. बाद में आज़म ख़ान ने शर्त रखी कि वह पार्टी में तभी वापस आएँगे, जब वे लोग यानी मुस्लिम समुदाय उन्हें माफ़ कर देगा, जिन्होंने अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के साथ विश्वासघात किया है.
चुप नहीं रहेंगे अमर
उधर अमर सिंह ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके साफ़ कर दिया है कि वह चुप नहीं बैठेंगे बल्कि सीधे जनता के बीच जाएँगे.
अमर सिंह ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के साधारण सदस्य के रूप अपनी बात अब खुलकर कहेंगे.
समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के बँटवारे के ख़िलाफ़ है, लेकिन अमर सिंह ने कहा कि वह अलग पूर्वांचल, बुंदेलखंड और हरित प्रदेश राज्यों की मांग का समर्थन करेंगे.
उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक रहा तो पूर्वांचल के लिए तेलंगाना नेता चंद्रशेखर राव की तरह आंदोलन भी करेंगे.
अमर सिंह ने कहा कि वे पूर्वांचल में पिछड़े वर्ग और मथुरा में क्षत्रिय समाज का सम्मलेन करेंगे.
अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी में फ़ंड और कैम्पेन मैनेजर का काम संभालने के अलावा ठाकुर समुदाय को भी जोड़ा था.
जानकारों का कहना है कि अमर सिंह की बगावत से समाजवादी का समर्थक ठाकुर समुदाय विचलित हो सकता है.












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