इस वर्ष 1.44 लाख से अधिक पक्षी पौंग वैटलैण्ड पहुंचे
प्रवक्ता ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की संख्या के आकलन के लिए पौंग झील के पूरे 321 वर्ग कि़ मी़ क्षेत्र को 21 खंडों में विभाजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 91 प्रजातियों के लगभग 1 लाख 44 हजार प्रवासी पक्षी यहां देखे गए। गणना के दौरान पाया गया कि कॉमन पोचार्ड प्रजाति के 42,200 प्रवासी पक्षियों ने यहां सर्वाधिक संख्या में पहुंचे। बार हैडिड गीज प्रजाति जिन्हें पौंग का सिंबल भी कहा गया है, के लगभग 40 हजार पक्षी यहां प्रवास पर हैं, जो कि इस प्रजाति के पूरे विश्व में पाए जाने वाले कुल पक्षियों की संख्या का लगभग दो तिहाई है। उन्होंने बताया कि इनके अतिरिक्त यहां आने वाले पक्षियों में मुख्यत: कामन कूट 21,000, नार्दन पिनटेल प्रजाति के 10,300 व 8,050 ग्रेट कामन कार्मोरैंटस प्रजाति के प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं।
टण्डन ने बताया कि पौंग में हर वर्ष सर्दियों में हिमालय के दूर पार साईबेरिया, रूस, यूरेशिया, मध्य एशिया, तिब्बत आदि क्षेत्रों से विभिन्न प्रजातियों के पक्षी प्रवास हेतु पौंग डैम वैटलैण्ड में आते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 1994 में पौंग डैम को राष्ट्रीय महत्व की वैटलैण्ड घोषित किया गया था तथा वर्ष 2002 में इसे अंतरराष्ट्रीय वैटलैण्ड 'रामसर साइट' का दर्जा प्राप्त हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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