वामपंथी संघर्ष का अमर सिपाही
इसे भी पढ़ें : ज्योति बसु नहीं रहे
लेनिन और स्टालिन सरीखे वामपंथ के पुरोधाओं में शुमार किए जाने वाले 'ज्योति बाबू' जब युनाइटेड किंगडम से वामपंथ का 'ककहरा' सीखकर भारत लौटे तो किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह आदमी देश की आर्थिक व राजनीतिक शक्ति का केंद्र कहे जाने वाले पश्चिम बंगाल में 23 वर्षो तक शासन करेगा और सबसे लंबे समय तक देश के किसी राज्य का मुख्यमंत्री बने रहने का रिकार्ड बनाएगा।
यही नहीं, उनके राजनीतिक सफर में एक मौका तो ऐसा भी आया कि वह देश के प्रधानमंत्री सिर्फ इसलिए नहीं बन सके, क्योंकि उनकी पार्टी ने इसकी इजाजत नहीं दी। बाद में ज्योति बाबू ने खुद इसे अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी 'गलती' करार दिया था।
कोलकाता के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में ज्योति बाबू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स कॉलेजिएट स्कूल से ग्रहण की। उनके पिता निशिकांत बसु तत्कालीन पूर्वी बंगाल (बांग्लादेश) के ढाका जिले के बरोडी गांव के रहने वाले थे और वे पेशे से डाक्टर थे। प्रेसिडेंसी कॉलेज से उन्होंने स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की और आगे की पढ़ाई के लिए वे युनाइटेड किंगडम चले गए।
भूपेश गुप्ता नामक अपने एक मित्र की मार्फत वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन से जुड़ गए। यहीं उन्होंने वामपंथ का ककहरा सीखा। इसके बाद वर्ष 1940 में वह भारत लौटे और अविभाजित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्णकालिक सदस्य बन गए। ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले ज्योति बाबू पहली दफा 1946 में बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए। इसके बाद वह लगातार चुनाव जीतते रहे। वर्ष 1967 में वह बंगाल के उपमुख्यमंत्री बने और 1969 में पुन: इसी पद पर आसीन हुए।
21 जून 1977 को ज्योति बाबू पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने। वह छह नवम्बर 2000 तक इस पद पर रहे। इस प्रकार लगातार 23 वर्षो तक वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद पर रहे। भारतीय राजनीति के इतिहास में इतने लंबे समय तक किसी राज्य का मुख्यमंत्री बने रहने का ऐसा कीर्तिमान उन्होंने स्थापित किया जिसे छू पाना आज के राजनेताओं के लिए दिवास्वप्न जैसा है।
वर्ष 1996 में एक ऐसा पल आया जिसे खुद ज्योति बाबू अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी भूल बता चुके हैं। संयुक्त मोर्चा में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी लेकिन पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था 'पोलित ब्यूरो' ने फैसला किया कि पार्टी सरकार में शामिल न होकर बाहर से समर्थन देगी। इस निर्णय के चलते एच. डी. देवगौड़ा प्रधानमंत्री बने।
ज्योति बाबू ने स्वास्थ्य कारणों से 2000 में बंगाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और उनकी जगह बुद्धदेव भट्टाचार्य को सूबे की कमान संभालने का मौका मिला। इसके बाद धीरे-धीरे ज्योति बसु की राजनीतिक सक्रियता कम होती चली गई। वर्ष 2006 में ज्योति बाबू ने राजनीति से संन्यास लेने की इच्छा जाहिर की, लेकिन पार्टी महासचिव प्रकाश करात ने उनसे आग्रह किया कि 2008 में होने वाली पार्टी की 19वीं कांग्रेस तक वह संन्यास न लें।
वर्ष 2008 में हुई पार्टी की 19वीं कांग्रेस में उन्हें पार्टी के पोलित ब्यूरो में शामिल नहीं किया हालांकि वह पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य बने रहे और उन्हें पोलित ब्यूरो का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया।
वर्ष 2006 के जनवरी में सर्वोच्च न्यायालय ने कोलकाता के साल्ट लेक में जमीन आवंटन के सिलसिले में ज्योति बाबू को नोटिस जारी किया। इसे छोड़ दिया जाए तो ज्योति बाबू का राजनीतिक जीवन विवादों से परे ही रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
-
VIDEO: 10 साल की दुश्मनी! बीच मैदान पर एक झप्पी और सब खत्म! विराट-कुंबले का वीडियो देख दुनिया दंग -
LPG Price Today Delhi NCR: दिल्ली में गैस सिलेंडर महंगा, 14.2Kg का नया रेट क्या है? जानें आज का ताजा भाव -
Kal Ka Match Kon Jeeta 28 March: कल का मैच कौन जीता- RCB vs SRH -
Fact Check: भारत के पास सिर्फ 5 दिन का ऑयल स्टॉक है? पेट्रोल-डीजल खत्म होने वाला है? सरकार ने तोड़ी चुप्पी -
Gold Rate Today: सोना इस हफ्ते 4000 रुपये हुआ सस्ता, दिल्ली से पटना तक ये है 22K और 18K गोल्ड का रेट -
नेपाल में बालेन शाह का बड़ा एक्शन! पूर्व PM के बाद ऊर्जा मंत्री गिरफ्तार, घर से क्या-क्या मिला? -
Silver Rate Today: चांदी इस हफ्ते ₹11,000 रुपये हुई सस्ती, अब ये है 10 ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के नए रेट -
IPL 2026: ट्यूशन पढ़ाकर UPSC की तैयारी करने वाले की IPL में एंट्री! 'बिहार के लाल' पर भारी पड़े अभिनंदन! -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta 29 March: आज के मैच का टॉस कौन जीता- मुंबई इंडियंस vs केकेआर -
Sita Devi कौन है? LPG महंगाई के बीच रातों-रात कैसे बनीं 10 करोड़ की मालकिन? चौंकाने वाली है वजह -
Virat Kohli: विराट कोहली ने रचा इतिहास, रोहित शर्मा का सबसे बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त, बन गए दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी -
VIDEO: विराट कोहली की Flying Kiss पर अनन्या बिड़ला के रिएक्शन ने लूटी महफिल! अनुष्का शर्मा ने जीत लिया दिल













Click it and Unblock the Notifications