ज्योति बसु नहीं रहे

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की हालत शनिवार को भी अति नाजुक बनी हुई थी। उनकी देख-रेख में लगे चिकित्सकों का कहना था कि उनके सभी महत्वपूर्ण अंगों ने जवाब दे दिया था। उन्हें पूरी तरह वेंटीलेटर पर रखा गया था। इस समय "उनका धीमा, निम्न क्षमता वाला दैनिक डायलसिस किया जा रहा था।"
इसके पहले बसु की देख-रेख में लगे आठ सदस्यीय चिकित्सकों के दल के प्रमुख, ए.के. मैती ने यहां संवाददाताओं को बताया था, "बसु के शरीर के पांच अंग-मस्तिष्क, जिगर, गुर्दे, फेफड़े और ह्दय काम नहीं कर रहे हैं। उनकी हालत बिल्कुल भी ठीक नहीं है।"
उन्होंने बताया था कि एएमआरआई अस्पताल के गुर्दा रोग विशेषज्ञों ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से कल रात बसु के इलाज के बारे में विचार-विमर्श किया था। उन्होंने कुछ दवाओं में बदलाव भी किया था।
इससे पहले शुक्रवार को उनका रक्तचाप कम हो गया था। शुक्रवार रात से बसु के बहुत से अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। डाक्टरों के अनुसार बसु के शरीर में कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर बढ़ गया था, उसके बाद से उन्हें पूरी तरह वेंटीलेटर पर रखा गया था। उनकी चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही थी।
बसु को गत एक जनवरी को निमोनिया की शिकायत के बाद कोलकाता के साल्टलेक स्थित एएमआरआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्ष 1914 में कोलकाता में जन्मे बसु जून 1977 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने थे। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने नवंबर 2000 में मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications