ज्योति बसु का निधन (लीड-3)
कोलकाता, 17 जनवरी (आईएएनएस)। लगातार 23 वर्षो तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वयोवृद्ध नेता ज्योति बसु का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे।
माकपा के वरिष्ठ नेता विमान बोस ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "ज्योति बसु नहीं रहे।"
कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक बसु ने सुबह 11.47 बजे आखिरी सांस ली।
वर्ष 1964 में माकपा की स्थापना करने वाले पोलित ब्यूरो के नौ सदस्यों में अंतिम बसु को शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 'भारत का महान सपूत' करार दिया था।
बसु को गत एक जनवरी को साल्टलेक स्थित एएमआरआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
कोलकाता में 1914 में जन्मे बसु 1977 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने और 23 वर्षो तक इस पद पर आसीन रहे। नवंबर 2000 में स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने यह पद त्याग दिया था। उन्हें सबसे लंबे अर्से तक देश के किसी राज्य का मुख्यमंत्री रहने का गौरव हासिल है।
उनके निधन का समाचार फैलते ही हर तरफ शोक की लहर फैल गई। दिवंगत नेता के सम्मान में पार्टी के सभी कार्यालयों के ध्वज झुका दिए गए।
गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने एएमआरआई अस्पताल के बाहर संवाददाताओं को बताया, "हमें अभी-अभी ज्योति बसु के निधन का दुखद समाचार मिला है। उन्हें प्रेम से ज्योति बाबू कहकर पुकारा जाता था।"
चिदंबरम ने कहा, "वह एक महान विभूति थे जो दशकों तक भारतीय राजनीति के पटल पर विद्यमान रहे। वह पश्चिम बंगाल के ही नहीं, बल्कि भारत के नेता थे। वह महान देशभक्त, महान लोकतांत्रिक नेता और प्रेरणा के महान स्रोत थे। उन्होंने भारतीय जनता की बेहतरीन सेवा की।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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