मप्र में प्रवासी भारतीयों को लुभाने की कोशिश
चौहान ने कहा कि प्रदेश में बिजली की उपलब्धता है, शांति है और अन्य राज्यों की तुलना में यहां जमीन सस्ती है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा अधोसंरचना को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रवासी भारतीयों को उद्योग स्थापना के लिए हर संभव सुविधाएं दी जाएंगी। इंदौर और भोपाल के बीच इंटीग्रेटिड इंडट्रियल टाउनशिप बनाया जाएगा। इसके अलावा एनआरआई सेल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधीन काम करने वाले इस प्रकोष्ठ का कार्य सचिव अनुराग जैन देखेंगे।
उन्होंने कहा कि देश के बीच में स्थित होने के कारण यहां आतंकवाद, नक्सलवाद या दस्यु समस्या नहीं है। भूमि अन्य राज्यों की तुलना में सस्ती है और जनता व प्रशासन सहयोगी है। इतना ही नहीं औद्योगिक शांति होने के साथ 24 घंटे बिजली उपलब्ध है। बिजली, सड़क और पानी की सुविधाओं में निरंतर सुधार कर और सुदृढ़ किया जा रहा है।
उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान खराब सड़क और अंधेरे के कारण होती थी, परंतु अब हालात बदल गए हैं। सड़कों का जाल बिछ चुका है तथा बिजली की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
प्रमुख उद्योगपति और फिक्की के अध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास का आदर्श वातावरण है। इनमें सबसे प्रमुख सरकार की औद्योगिक हितैषी नीतियां हैं और यही कारण है कि पिछले पांच साल में उद्योगों की संख्या बढती ही जा रही है।
इस एक दिवसीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री चौहान ने प्रवासी भारतीयों से खुलकर चर्चा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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