जांच से रुचिका का स्कूल नाखुश
स्कूल प्रशासन ने कहा कि वह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए अपने केंद्रीय संगठन से सहायता लेने की योजना बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि इसी स्कूल ने सितम्बर 1990 में रुचिका को कुछ कारणों का हवाला देते हुए निकाल दिया था। जांच में स्कूल की प्रधानाचार्या एस.सेबेस्टिनाको दोषी करार दिया गया है।
चण्डीगढ़-शिमला क्षेत्र के फादर थॉमस अनचानिकल ने रविवार को आईएएनएस से कहा कि स्कूल के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना तरीके से जांच हुई है। उन्होंने कहा, "स्कूल को बदनाम किया गया है। स्कूल निर्दोष है। हम इस मामले में कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस से संपर्क करेंगे।"
गौरतलब है कि 12 अगस्त 1990 को हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी.एस.राठौड़ ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसके एक महीने बाद ही स्कूल ने रुचिका को निकाल दिया था। रुचिका ने बाद में खुदखुशी कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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