परमाणु जवाबदेही की सीमा तय करने वाला कानून जरूरी : काकोड़कर
काकोड़कर ने इंडियन न्यूक्लियर सोसायटी के 20 वें सालाना सम्मेलन के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा,"अगर आप अंतर्राष्ट्रीय परमाणु बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं तो आपको ऐसे मौलिक कानून पर अमल करना होगा। भारत को ऐसे कानून के लिए अमेरिका ने बाध्य नहीं किया है। भारत परिपक्व एटमी ताकत है और वह अपनी जिम्मेदारी समझता है।"
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने इस आशय का विधेयक तैयार कर लिया है और इस पर जल्द ही संसद में बहस होगी। यह पूछे जाने पर कि रूस या फ्रांस ने भारत से ऐसा कानून बनाने की मांग क्यों नहीं की, तो उन्होंने कहा, "अमेरिका में एटमी उपकरण निर्माता निजी क्षेत्र से आते हैं, जबकि दूसरे देशों में ये सरकारी क्षेत्र में आते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत कन्वेंशन ऑफ सप्लिमेंटरी कंपेनसेशन(सीएससी) में शामिल होना चाहता है, जिसके लिए यह कानून जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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