तेलंगाना में बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त
हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य नौ जिलों में परिवहन सेवाएं ठप पड़ गईं। दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप, सिनेमा हॉल, बैंक, दफ्तर और शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे।
सरकार के अधीनस्थ सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) ने तेलंगाना से आंध्र और रायलसीमा के बड़े शहरों को जाने वाली बस सेवाओं को रद्द कर दिया। 9,000 से अधिक बसें सड़कों से नदारद रहीं। हैदराबाद में ही 3,400 बसें डिपो से बाहर नहीं निकलीं। इस वजह ये यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
दक्षिण मध्य रेलवे ने एहतियातन 165 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया। इनमें 87 एक्सप्रेस और यात्री रेलगाड़ियां हैं। हैदराबाद में भी रेलवे अधिकारियों ने 46 उपनगरीय रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया ।
बंद की वजह से हैदराबाद, वारंगल, करीम नगर और निजामाबाद में सड़कों से वाहन नादारद रहे। यहां तक कि ऑटो भी नहीं देखे गए। तेलंगाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों, वकीलों, कामगारों, छात्रों संगठनों तथा अन्य जन संगठनों ने पृथक राज्य की मांग के समर्थन में काम से अलग रहने का फैसला किया।
बंद के मद्देनजर हैदराबाद और आसपास के इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। इन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्ष बलों की तैनाती की गई। पूरे तेलंगाना क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 40 कंपनिया तैनात की गई हैं। पड़ोसी राज्यों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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