ब्रितानी नागरिक को मौत की सज़ा

माना जा रहा है कि चीन में पिछले 50 साल में पहली बार किसी यूरोपीय नागरिक को मौत की सज़ा मिली है. शेख़ को मौत की सज़ा दिए जाने की घोषणा के बाद ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि निराश हैं कि बार-बार मिलने के बाद दया के अनुरोध के बावजूद उनकी बात सुनी नहीं गई है. उनका कहना था कि उनकी चिंता ये है की शेख़ की मानसिक स्थिति के बारे कोई स्वास्थ्य आकलन नहीं किया गया है.
राजनयिक भी मौजूद नहीं
अक़मल शेख़ 53 वर्ष के थे और उन्हें वर्ष 2007 में चार किलो हेरोइन एक बैग में लाते हुए गिरफ़्तार किया गया था. उन्होंने अपनी सफ़ाई में बार-बार कहा था कि उन्हें बेवकूफ़ बनाया गया है और वह बैग उनका था ही नहीं. लेकिन कई बार की गई उनकी अपील को ख़ारिज कर दिया गया और चीन के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सज़ा दिए जाने से कुछ ही देर पहले मौत की सज़ा के फ़ैसले पर अपनी मुहर लगा दी.
बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि ये सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि शेख़ के आख़िरी क्षण कैसे बीते. जिन ब्रितानी राजनयिकों ने सज़ा दिए जाने के दौरान ख़ुद मौजूद रहने का अनुरोध किया था, उनको इसकी इजाज़त नहीं दी गई है.












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