भाभा परमाणु संयंत्र में आग, दो की मौत

भारत के प्रमुख परमाणु संयंत्र भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई है.
लेकिन भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना से किसी तरह कोई विकिरण नहीं हुआ है.
प्रवक्ता का कहना था कि ये आग एक प्रयोगशाला में लगी थी और इसे 45 मिनट में नियंत्रित कर लिया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और भाभा के निदेशक श्रीकुमार बनर्जी का कहना था,'' आग रासायनिक प्रयोगशाला की तीसरी मंजिल में लगी थी.''
दमकल और पुलिस विभाग का कहना है कि आग लगने की वजह का अभी तक पता नहीं लग पाया है.
आग मंगलवार दोपहर को भड़की और दमकल गाड़ियों ने 45 मिनट के भीतर उस पर काबू पा लिया.
प्रयोगशाला में आमतौर पर सात लोग काम करते हैं लेकिन मंगलवार वहां केवल दो व्यक्ति मौजूद थे.
भाभा परमाणु अनुसंधान केद्र स्थित मॉडयूलर लैब में कई प्रयोगशालाएं हैं और इमारत की विभिन्न मंजिलों पर सैकड़ों लोग काम करते हैं.
अनुसंधान के लिए जरूरी उपकरण, रसायन और साजोसामान का इन प्रयोगशालाओं में रखे जाते हैं.
उल्लेखनीय है कि इसके पहले कर्नाटक के कैगा परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी पदार्थ के पीने के पानी में मिल जाने से कई कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.
इस पर भारतीय ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोदकर का कहना था कि किसी ने 'जानबूझकर' रेडियोधर्मी ट्राइटियम को वाटर कूलर में मिला दिया था.
कर्नाटक के उत्तरी कन्नडा ज़िले में स्थित इस संयंत्र में 220 मेगावाट की तीन परमाणु इकाइयाँ हैं और चौथी इकाई तैयार की जा रही है.












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