हरियाणा के ग्रामीणों ने राठौर पर भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया
बधोर गांव के करीब 20 ग्रामीण गांव के सरपंच के नेतृत्व में मंगलवार को रुचिका दुर्व्यवहार मामले के शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश के घर के सामने इकट्ठे हुए और उन्होंने राठौर के खिलाफ आरोप लगाए।
बधोर गांव के सरपंच चुहर सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, "जुलाई 1995 में राठौर ने हमारे गांव में कुछ जमीन खरीदी थी। उसने जमीन के मालिकों को नौकरी के और अन्य प्रलोभन दिए व ग्रामीणों से पंजीकरण के कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए या अंगूठे लगवा लिए थे।"
उन्होंने कहा, "लेकिन अब तक न तो उसने अपने वादे पूरे किए हैं और न ही ग्रामीणों को तय राशि दी है। कुछ लोगों को तो राठौर से एक भी पैसा नहीं मिला है। 13 एकड़ के अलावा राठौर के पास गांव की 27 एकड़ सार्वजनिक भूमि भी है। राठौर ने अगस्त 1995 में इस भूमि पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया था।"
चुहर सिंह ने कहा कि वे यह मामला उप मंडलीय दंडाधिकारी (एसडीएम) के पास ले गए थे जिन्होंने ग्रामीणों के पक्ष में फैसला दिया है। इसके बाद राठौर इस मामले को उप आयुक्त के पास ले गया था, जहां एक बार फिर ग्रामीणों के पक्ष में फैसला हुआ था।
चुहर सिंह ने कहा कि इसके बाद राठौर मामले को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में ले गया था, जहां एसडीएम को दोबारा इस मामले पर फैसला देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि मामला अब भी वहां लम्बित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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