पाकिस्तान ने सौ मछुआरों को रिहा किया

हफ़ीज़ चाचड़
बीबीसी हिंदी संवाददाता, इस्लामाबाद
पाकिस्तान ने नववर्ष के अवसर पर 100 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया है और उन्हें शनिवार को भारतीय अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है.
भारतीय मछुआरों को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के आदेश पर शुक्रवार को कराची की मलीर जेल से रिहा किया गया और उन्हें लाहौर के लिए रवाना किया गया.
मछुआरे दो बसों द्वारा कराची से शनिवार की दोपहर लाहौर पहुँचे और ज़रुरी औपचारिकताओं के बाद शाम को वाघा सीमा पर उन्हें भारतीय अधिकारियों के हवाले किया गया.
'न्यायिक समिति फिर काम करे' मलीर जेल के वरिष्ठ अधिकारी अशरफ़ निज़ामानी ने बीबीसी को बताया, "प्रधानमंत्री के आदेश पर हमने 100 मछुवारों को रिहा कर दिया है जिन्हें तीन सालों के भीतर पाकिस्तान की जलसीमा का उल्लघंन करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था."
अशरफ़ निज़ामानी के अनुसार रिहा होने वालों में 18 साल के नौ लड़के भी शामिल हैं.
लाहौर जाने से पहले एक मछुआरे ने जेल के बाहर पत्राकरों को बताया कि वे बहुत ख़ुश हैं कि वे वतन जाकर नए साल की ख़ुशियाँ अपने परिवार के साथ मनाएँगे.
उन्होंने कहा, "मैं आशा करता हूँ कि पाकिस्तानी जेलों में क़ैद अन्य मछुआरों को भी पाकिस्तानी अधिकारी जल्द ही रिहा कर देंगे."
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने 22 दिसंबर को पाकिस्तानी जेलों में क़ैद 100 भारतीय मछुवारों को रिहा करने की घोषणा की थी और गृह मंत्रालय को मछुआरों की रिहाई के लिए ज़रूरी व्यवस्था करने के आदेश दिए थे.
यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अपने एक बयान में कहा था, "पाकिस्तान एक दूसरे की जेलों में क़ैद मछुआरों और क़ैदियों के मुद्दे को गंभीरता से लेता है और इस समस्या के समाधान के लिए वचनबद्ध है. पाकिस्तान चाहता है कि दोनों देशों के बीच क़ैदियों से संबंधित न्यायिक समिति को फिर से काम में लाना चाहिए."
इन मछुआरों को 24 दिसंबर को भारत जाना था लेकिन पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से मुछुआरों की सूची न मिलने के कारण इनकी रिहाई में देरी हुई.
इस्लामाबाद में स्थित भारतीय उच्चायोग ने मछुआरों की रिहाई के फ़ैसले का स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि बाक़ी भारतीय मछुआरों को जलद रिहा किया जाएगा.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान की जेल में अब तक 500 के करीब भारतीय मछुआरे क़ैद हैं जबकि अनुमान लगाया जाता है कि भारत की जेलों में 200 के करीब पाकिस्तानी मछुआरे बंद हैं.












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