संगठन की मजबूती मेरी पहली प्राथमिकता: गडकरी (राउंडअप)
भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार गुरुवार को मीडिया से मुखातिब हुए गडकरी ने खुद को पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता बताया और कहा कि वह विकास की राजनीति करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा, "मैं प्रथम और सर्वप्रथम एक कार्यकर्ता हूं। अनुशासन, दृढ़ संकल्प, परस्पर विश्वास एवं सम्मान यह हमारी कार्यपद्धति की आधारशीला होगी।" इस मौके पर गडकरी ने अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट की।
गडकरी ने कहा, "मेरी पार्टी की विचारधारा का आधार राष्ट्रवाद था, राष्ट्रवाद है और राष्ट्रवाद रहेगा। यही मेरी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता का प्रेरणास्रोत भी बना रहेगा। मेरे आने से विचारधारा में कोई बदलाव नहीं होगा।"
लोकसभा चुनाव और हाल के दिनों में कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी शिकस्त से निराश कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के मकसद से उन्होंने कहा कि वह पार्टी की खोई प्रतिष्ठा वापस लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा, "अगले तीन वर्षो में मुझे पार्टी का संगठनात्मक विस्तार करना है। हमें पार्टी का वोटबैंक बढ़ाना है। हम अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजातियों, असंगठित श्रमिकों तक पहुंच बनाएंगे और अल्पसंख्कों के लिए और अधिक काम करेंगे।"
गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा अल्पसंख्यक विरोधी नहीं है, जैसा कि प्रचारित और प्रसारित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सोच बिल्कुल गलत है कि भाजपा अल्पसंख्यक विरेधी है। उन्होंने कहा, "मैं धर्म और भाषा के नाम पर भेदभाव में यकीन नहीं करता। इस तरह का कोई भी भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। परंतु आज अल्पसंख्यकों और आतंकवाद का तुष्टिकरण ही धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा बन गई है।"
उन्होंने कहा, "हर कोई देश के लिए है और देश सभी का है। यही भाजपा का सिद्धांत है।"
पार्टी कार्यकर्ताओं से विकास की राजनीति करने का आह्वान करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "मैंने राजनीति को एक करियर के रूप में नहीं चुना है। मैं राजनीति को सामाजिक-आर्थिक सुधार का उपकरण मानता हूं।"
अपनी प्राथमिकाताओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए गडकरी ने यह भी कहा, "राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा है, सुशासन और विकास और पिछड़ों की उन्नति हमारा उद्देश्य है।"
गडकरी ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष या किसी अन्य पद का कार्यकाल एक निश्चित समय के लिए होता है लेकिन व्यक्ति आजीवन पार्टी का कार्यकर्ता बना रहता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के रूप में वह हमेशा कार्य करते रहेंगे और उन्हें इस पार्टी में होने पर गर्व है।
उन्होंने देश में आतंकवाद और नक्सलवाद एक बड़ी समस्या करार दिया। गडकरी ने कहा कि आतंकवाद का सामना सभी को मिलकर करना है और इसके खिलाफ लड़ाई में उनकी पार्टी सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी को राजनीति में अपना प्रेरणास्रोत बताते हुए गडकरी ने कहा कि उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है और वह पार्टी में अपने सभी सहयोगियों को विश्वास में लेकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा, "भाजपा के नेता अच्छे हैं। मैं पार्टी का कनिष्ठ कार्यकर्ता हूं और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद मुझे पार्टी के शीर्ष पद पर बिठाया गया है। आडवाणीजी और राजनाथजी ने कहा है कि वह मेरे साथ खड़े हैं। दोनों मुझे भरपूर सहयोग भी कर रहे हैं।"
पार्टी के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ तालमेल के सवाल पर उन्होंने कहा, "मेरा कोई भी सहयोगी आलोचना करने के लिए स्वतंत्र है। अगर कोई साथी घर आकर मेरी त्रुटियों को बताता है तो मैं जरूर सुधार करूंगा। मैं अपने सभी साथियों की बात को महत्व दूंगा।"
गडकरी ने लगे हाथ यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "पार्टी में सिर्फ अनुशासन की बात ही नहीं होगी बल्कि इसका पालन भी किया जाएगा। अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
उन्होंने यह भी कहा, "भाजपा हर उस नीति और प्रयास का विरोध करेगी जिससे राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को खतरा पहुंचने की संभावना हो। जम्मू एवं कश्मीर में पनपते अलगाववाद तथा असम व देश के अन्य भागों में बढ़ते अवैध घुसपैठ, जिसे कांग्रेस ने वोटबैंक की राजनीति के तहत प्रोत्साहित किया है के लिए हमारा विरोध सदैव रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications