तेलंगाना के गठन में विलंब से स्थिति अनियंत्रित हो जाएगी : केसीआर
तेलंगाना राज्य के समर्थन में लड़ाई लड़ रहे सभी राजनीतिक दलों ओर समूहों की गठित संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक को संबोधित करते हुए राव ने कहा कि अलग तेलंगाना राज्य के लिए चल रहे आंदोलन को दबाने की केंद्र सरकार की किसी भी रणनीति से क्षेत्र की जनता घबराने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा, "तेलंगाना का इतिहास बलिदानों का रहा है। इस क्षेत्र की जनता कुर्बानी देने में भी नहीं हिचकिचाएगी।"
लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके राव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी अपील की कि वह इस मुद्दे को और नहीं खींचें और तेलंगाना को जल्द से जल्द अलग राज्य घोषित करें।
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वह जल्द से जल्द तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया आरंभ करें। देश में यदि लोकतंत्र और संविधान है तो हमारी नैतिक मांग को स्वीकार किया जाना चाहिए।"
केंद्र सरकार द्वारा पंजाब और दिल्ली से अर्धसैनिक बलों के 4000 से अधिक जवानों को तेलंगाना क्षेत्र की ओर भेजे जानों की खबरों का हवाला देते हुए राव ने कहा, "4,00,000 से अधिक जवान भी हमारे आंदोलन को नहीं रोक सकते। विश्व में कहीं भी सैन्य ताकत से जन आंदोलनों को दबाया नहीं जा सका है।"
आंध्र प्रदेश की के. रोसैया सरकार द्वारा तेलंगाना क्षेत्र में बिजली और केबल टेलीविजन संपर्क काट दिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि रोसैया की ताकत भी खत्म होने वाली है क्योंकि तेलंगाना क्षेत्र के सभी विधायक विधानसभा अध्यक्ष पर अपना इस्तीफा स्वीकार कर लेने का दबाव बनाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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