तेलंगाना बंद से जनजीवन प्रभावित, इस्तीफा देंगे कांग्रेस सांसद (लीड-2) (इंट्रो में संशोधन के साथ)

गौरतलब है कि चिदंबरम के बयान के विरोध में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस)और अन्य संगठनों ने राज्य में गुरूवार से 48 घंटे बंद का आह्वान किया है।

चिदंबरम ने बुधवार को कहा था कि आंध्र प्रदेश में हालात बदल चुके हैं और राजनीतिक दल इस मुद्दे पर बंट गए हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार तेलंगाना को पृथक राज्य बनाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को विचार विमर्श की प्रक्रिया में शामिल करेगी।

उनके इस बयान से क्षेत्र के लोगों को ऐसा लगा कि केंद्र सरकार ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के मसले पर 'यू टर्न' ले लिया है। इसके बाद छात्रों के समूह और विभिन्न दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इस क्षेत्र में बुधवार देर रात कई जगहों पर हिंसा भी हुई।

तेलंगाना समर्थकों ने केंद्र सरकार पर क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने बसों, ट्रकों और सरकारी दफ्तरों को आग लगा दी। इस बीच टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने और कांग्रेस के नेताओं ने जनता से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की है।

हैदराबाद में प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच उस्मानिया विश्वविद्यालय और शहर के अन्य स्थानों पर हुई झड़पों के कारण हिंसक हो गया। उस्मानिया विश्वविद्यालय में पुलिस द्वारा चलाई गई रबड़ की गोली से एक छात्र घायल हुआ। वहां विस्फोटक स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भेजा गया।

निजाम कॉलेज के छात्रों के साथ पुलिस के संघर्ष से शहर के प्रमुख केंद्र बशीर बाग में हिंसा फैल गई। पुलिस ने छात्रों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोका तो उन्होंने पत्थराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज से उसका जवाब दिया। इसमें चार छात्र घायल हुए।

छात्र कॉलेज वापस लौटे और सभी दरवाजे बंद करने के बाद 'पुलिस वापस जाओ' के नारे लगाए। ऐसी ही घटनाएं मशाब टैंक इलाके के पी.जी.कॉलेज में हुईं। हिंसा को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान एल.बी.नगर भी पहुंचे।

राज्य में मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन पर भी तनाव दिखाई दिया। यहां तेलंगाना समर्थक छात्रों और कार्यकर्ताओं ने पार्टी से पृथक राज्य के गठन पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग को लेकर हंगामा किया।

राज्य में सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) ने तेलंगाना क्षेत्र में सभी बस सेवाएं स्थगित कर दीं। यहां निजी वाहन भी सड़कों से नदारद रहे। तेलंगाना में दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप, सिनेमा हॉल और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। तनाव को देखते हुए यहां एक स्थान पर पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है और पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है।

इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के बुधवार के बयान को अस्पष्ट करार देते हुए तेलंगाना क्षेत्र से कांग्रेस के सांसदों ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने इस्तीफे सौंपने का फैसला किया।

चिदंबरम के इस बयान में संकेत दिया गया था कि सरकार तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया पर पुनर्विचार कर रही है।

नई दिल्ली स्थित आंध्र भवन में क्षेत्र के सांसदों की बैठक के बाद सर्व सत्यनारायण ने कहा, "हम कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात का समय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उसके बाद हम उन्हें अपने इस्तीफे सौंप देंगे। तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस विधायक भी इस्तीफा देंगे।"

उन्होंने कहा कि तेलंगाना क्षेत्र के सांसद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एस. जयपाल रेड्डी से भी आंदोलन में शामिल होने को कहेंगे। रेड्डी भी तेलंगाना क्षेत्र से ही ताल्लुक रखते हैं।

इस बीच तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों के आरोपों को खारिज करते हुए एकीकृत आंध्र प्रदेश के लिए अभियान चलाने वाले कांग्रस के वरिष्ठ सांसद के. एस. राव ने कहा कि सरकार ने केवल यह स्पष्ट किया है कि वह तेलंगाना मसले पर सभी पार्टियों से विचार-विमर्श करेगी।

उन्होंने इस्तीफा देने के फैसले के लिए तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों की आलोचना की। राव ने आईएएनएस से कहा, "यह उनके काम करने का तरीका है।"

इससे पहले निजामाबाद से कांग्रेस सांसद मधु याश्की गौड़ और करीमनगर से पार्टी सांसद पूनम प्रभाकर ने तेलंगाना की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

गौड़ ने तटीय आंध्र और रायलसीमा के सभी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों पर तेलंगाना को लेकर ब्लैकमेलिंग की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने मौजूदा संकट के लिए कडप्पा से कांग्रेस के सांसद वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी को जिम्मेदार ठहराया। गौड़ ने कहा, "कुछ लोग पहले ही पार्टी को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर चुके थे, वे ही इस हालात के जिम्मेदार हैं।"

गौरतलब है कि तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सदस्य हैं जिनमें 12 सदस्य कांग्रेस के हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीरआरएस)के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव सहित टीआरएस के दोनों सांसद पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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