प्रदीप सौरभ के उपन्यास 'मुन्नी मोबाइल' का लोकार्पण (फोटो सहित)
इस मौके पर प्रोफेसर कुमार ने कहा कि यह उपन्यास अपने समय की कड़वी हकीकत को बयां करता है। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का कहना था कि उपन्यास मनुष्य के मूल्यों का खुलासा करता है।
प्रोफेसर कुमार ने कहा कि लेखक ने स्पष्ट लिखा है कि इस उपन्यास के नायकों-खलनायकों को वह काल्पनिक कहने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। यह साहस नहीं दुस्साहस है। यह अपने आप में संकेत है कि यह उपन्यास यथार्थ के कितना करीब है। यह वही कह सकता है, जो पत्रकारिता और फोटोग्राफी से जुड़ा हो।
वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 'मुन्नी मोबाइल' का लोकार्पण इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ही करने के सवाल पर लेखक एवं पत्रकार प्रदीप सौरभ ने कहा, "मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ा हूं। यहां से मुझ्झे बहुत कुछ सीखने को मिला। जब आयोजकों ने मुझ्झे बताया कि वह इसका लोकार्पण इलाहाबाद में करना चाहते हैं, तो मैंने उन्हें तुरंत अपनी सहिमत दे दी। मुझ्झे लगा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय का कर्ज उतारने का यह अच्छा मौका है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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