सर्वोच्च न्यायालय में दिनाकरन की नियुक्ति पर फिलहाल रोक
बालाकृष्णन ने संवाददाताओं को बताया, "दिनाकरन के खिलाफ राज्यसभा में शुरू की गई महाभियोग की कार्यवाही को देखते हुए हमने उनके नाम को फिलहाल स्थगित कर दिया है।"
यह पहला मौका है, जब प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय के पांच वरिष्ठतम न्यायाधीशों के कॉलिजियम ने आधिकारिक तौर पर न्यायमूर्ति दिनाकरन की प्रोन्नति के मामले को वापस लेने संबंधी बयान दिया है। दिनाकरन पर भूमि हड़पने और न्यायिक अनाचार का आरोप है।
इसी कॉलिजियम ने अगस्त में चार अन्य उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों सहित न्यायमूर्ति दिनाकरन को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत किए जाने की सिफारिश की थी। दिनाकरन के अलावा अन्य चारों न्यायाधीशों को प्रोन्नत किया जा चुका है और उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम करना भी शुरू कर दिया है।
बालाकृष्णन ने उम्मीद जताई है कि महाभियोग चलाए जाने की कार्यवाही शुरू किए जाने के बाद न्यायमूर्ति दिनाकरन कर्नाटक उच्च न्यायालय में कोई न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
लेकिन बालाकृष्णन ने यह भी कहा कि वह ऐसा करने के लिए उन्हें कोई सलाह नहीं भेजेंगे, क्योंकि उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय के नियंत्रण में नहीं होते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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