हीरो बनने आया था मुंबई, कभी नहीं देखी एके-47 : कसाब (लीड-1)

मुंबई हमले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एम. एल. तहिलयानी की अदालत के समक्ष कसाब ने बयान से पलटकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। उसने 20 फरवरी को जो बयान दिया था उससे मुकर गया। उसने यहां तक कह दिया कि उससे पूछताछ करने के लिए जेल में डेविड कोलमैन हेडली भी आया था।

कसाब ने कहा, "मुझे 26/11 से तीन दिन पहले गिरफ्तार किया गया था, जब मैं अपने दोस्तों के साथ जुहू इलाके जा रहा था। हमले के वक्त मैं पुलिस हिरासत में था।"

सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा कि उन्हें पता था कि कसाब अपने इकबालिया बयान से मुकर जाएगा। इससे पहले वह 20 जुलाई को अपने बयान से पलट गया था लेकिन बाद में अपराध स्वीकार करते हुए उसने फांसी पर लटकाए जाने की मांग की थी।

कसाब ने शुक्रवार को कहा कि मजिस्ट्रेट ने उसे बयान देने पर मजबूर किया था। उसने कहा कि वह वैध दस्तावेज के साथ भारत आया था लेकिन कथित तौर पर गिरफ्तारी के बाद वह खो गया। उसने दावा किया कि उसका मोबाइल फोन भी खो गया और उसे यह नहीं पता है कि उसके दोस्त कहां हैं।

कसाब ने कहा कि जेल में उससे पूछताछ करने चार विदेशी आए थे, जिसमें एक हेडली था। इस संबंध में निकम ने कहा कि कसाब का यह बयान आधारहीन है।

गौरतलब है कि हेडली और तहव्वुर राणा को भारत पर हमले की साजिश रचने के आरोप में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। दोनों अभी शिकागो जेल में बंद हैं।

विशेष अदालत में कसाब ने कहा कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) में हुई गोलीबारी के वक्त वह मौजूद नहीं था। उसने दावा किया, "मैं सीएसटी में मौजूद नहीं था और रेलवे स्टेशन में गोली भी नहीं चलाई थी।" कसाब ने खुद पर लगे सभी आरोपों से इंकार किया है।

इस मामले में गत आठ महीने से सुनवाई चल रही है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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