बुंदेलखण्ड को अलग राज्य बनाने के लिए रक्त हस्ताक्षर अभियान
बीईपी के महासिचव सुरेंद्र तिवारी ने गुरुवार को बांदा में संवाददाताओं को बताया कि बीईपी पहले इस रक्त हस्ताक्षर अभियान को आपस में चलाएगी। बाद में बड़े पैमाने पर इसे बुंदेलखण्ड की जनता के बीच शुरू किया जाएगा।
तिवारी ने कहा कि औपचारिक तौर पर रक्त से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत आज (गुरुवार को) बांदा से की गई है। उन्होंने कहा कि बीईपी अपने इस अभियान से केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान बुंदेलखण्ड को अलग राज्य बनाने की अपनी मांग की तरफ खींचना चाहती है, जिस पर पिछले कई सालों से दोनों सरकारों ने गंभीरता नहीं दिखाई है।
तिवारी ने जोर देते हुए कहा कि बुंदेलखण्ड को पृथक राज्य बनाने की मांग को दबाया नहीं जा सकता। क्योंकि यह सीधे वहां के विकास से जुड़ी है। बिना अलग राज्य बनाए बुंदेलखण्ड का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बीईपी रक्त हस्ताक्षर अभियान तब तक जारी रखेगी जब तक कि राज्य सरकार विधानसभा में बुंदेलखण्ड को अलग राज्य बनाने का प्रस्ताव लाने का भरोसा नहीं दिलाती।
पार्टी के पदाधिकारियों के मुताबिक बांदा से शुरू किया गया यह रक्त हस्ताक्षर अभियान बुंदेलखण्ड के दूसरे जिलों चित्रकूट, हमीरपुर, झ्झांसी, ललितपुर, जालौन और महोबा में ले जाया जाएगा।
उधर बीईपी की तरफ से आज महोबा बंद का ऐलान भी किया गया है। मंगलवार को यहां अलग राज्य की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ कर रेलमार्ग और प्रमुख सड़क मार्ग जाम कर दिए थे।
वहीं दूसरी तरफ बुंदेलखण्ड मुक्ति मोर्चा (बीएमएम) ने बुंदेलखण्ड को पृथक राज्य बनाने की मांग को लेकर चित्रकूट से खजुराहो की अपनी पदयात्रा शुरू कर दी है। 300 किलोमीटर की इस पदयात्रा को बुधवार को बीएमएम के संयोजक राजा बुंदेला ने चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से शुरू किया। पदयात्रा एक जनवरी को खजुराहो में जाकर समाप्त होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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