हेडली व राणा के वीसा आवेदन गायब नहीं : सरकार (राउंडअप)

शिकागो स्थित वाणिज्य दूतावास से कथित रूप से दस्तावेज गायब होने के मामले में सरकार द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के एक दिन बाद विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, "राणा के दस्तावेज मिल गए हैं और हेडली के वीजा संबंधी दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि राणा ने ये दस्तावेज शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को सौंपे थे।

हेडली और राणा को मुंबई पर पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हेडली और राणा को वीजा जारी किया था।

वर्ष 2006 से 2008 के बीच हेडली और राणा कई बार भारत आए थे। दोनों ने कथित रूप से आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को 26/11 हमले की साजिश रचने में सहायता पहुंचाई थी।

उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा, "यह कहना कि वीजा संबंधी दस्तावेज गायब हो गए, ठीक नहीं है। इस संबंध में सभी जानकारी जांच एजेंसियों को दी जा रही है।"

प्रवक्ता ने कहा कि राणा और हेडली को 18 जुलाई 2007 और तीन मार्च 2006 को वीजा जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि राणा को 31 अक्टूबर 2008 को एक वर्ष का वाणिज्यिक वीजा भी जारी किया गया था।

इससे पहले विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने कहा था कि हेडली के वीजा संबंधी दस्तावेज कथित रूप से गायब होने के संदर्भ में सरकार ने शिकागो स्थित वाणिज्य दूतावास से रिपोर्ट मांगी है।

कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने शिकागो स्थित महावाणिज्य दूत से प्राथमिक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही हम इस मामले में आगे बढ़ने के बारे में बताएंगे। मीडिया में छपी रिपोर्टों के बारे में मैं पहले कुछ नहीं कह सकता लेकिन निश्चित रूप से सरकार को अपनी जिम्मेदारी का अहसास है।"

हेडली के प्रत्यर्पण के संबंध में पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) भारतीय खुफिया एजेंसियों की सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि जब एफबीआई अपनी जांच पूरी कर लेगी, उसके बाद ही हम अपने अगले कदम के बारे में फैसला करेंगे।

गुरुवार को राज्यसभा में भी हेडली प्रकरण उठाया गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामदलों के सदस्यों ने मुंबई के 26/11 के आतंकी हमलों में हेडली की कथित संलिप्तता की जानकारी देने के संबंध में अमेरिका की ओर से दिए जा रहे सहयोग मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से स्पष्टीकरण मांगा।

सभापति हामिद अंसारी ने कहा, "मुझे पक्का यकीन है कि सरकार सही वक्त आने पर जवाब देगी।" इस पर सदन में मौजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिर हिलाकर हामी भरी।

सदन में इस मसले को दूसरी बार उठाते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की सदस्य वृंदा करात ने कहा, "यह मसला भारत के सभी नागरिकों से जुड़ा है। मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करती हूं कि वह इस बारे स्पष्टीकरण दें कि इस मसले को अमेरिका के समक्ष उठाने के लिए हम क्या कदम उठाने जा रहे हैं।"

करात ने हेडली के वीजा संबंधी दस्तावेज के गायब होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विदेश सचिव ने बुधवार को जहां शिकागो स्थित वाणिज्य दूतावास को क्लीन चिट दिखा दी, वहीं गृह मंत्रालय ने दस्तावेज नहीं मिलने पर चिंता जाहिर की है।

करात ने कहा, "क्या विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय में कोई मतभेद है? " उन्होंने इससे पहले यह मसला मंगलवार को भी उठाया था।

विपक्ष केनेता अरुण जेटली ने कहा कि वीजा दस्तावेज के गायब होने का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि हेडली के बारे में अमेरिका के पास जो जानकारियां हैं,क्या वह हमसे साझा की गई है। उन्होंने भी करात की तरह पूछा कि क्या विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय में कोई मतभेद हैं?

समाजवादी पार्टी (सपा) के अमर सिंह ने हेडली के प्रत्यर्पण की मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसी को मुंबई हमले में एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी से पूछताछ की अनुमति दी गई थी अब उसे हेडली को हमें सौंपना चाहिए।

हेडली कोई आम आतंकवादी नहीं :

अमेरिका में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ अब तक मिले सबूतों से साफ है कि वह कोई साधारण आतंकवादी नहीं है, बल्कि उसके मंसूबे बेहद खतरनाक थे। यह कहना है अमेरिका के मशहूर सामरिक थिंक टैंक 'स्ट्रेटफॉर' का।

गत सात दिसंबर को हेडली को कई मामलों का आरोपी बनाया गया था। इनमें उसके मुंबई हमले में शामिल होने का मामला भी शामिल है। कहा गया है कि हेडली पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविर में वर्ष 2002 के फरवरी और अगस्त, एवं फिर 2003 के अप्रैल और अगस्त में लश्कर के शिविर में शामिल हुआ था।

स्ट्रेटफॉर ने कहा, "इससे संकेत मिलता है कि हेडली आतंकवाद के बुनियादी प्रशिक्षण से कहीं ज्यादा आगे पहुंचा था। लगता है कि उसे ऐसा कठिन प्रशिक्षण मिला था जो किसी भी आतंकवादी हमले से पहले टोह लेने या फिर हमले की साजिश रचने के लिए जरूरी होता है।"

हेडली पर लगे आरोपों के अनुसार मुंबई पर हमले से पहले शहर की टोह लेने के मकसद से उसने पांच बार मुंबई का दौरा किया था। वह सितंबर, 2006 में एक बार, फरवरी और सितंबर, 2007 में दो बार एवं अप्रैल और जुलाई, 2008 में भी दो बार मुंबई पहुंचा था।

हेडली के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) का जासूस होने के संदर्भ में इस वैश्विक संस्था का कहना है कि अगर वह एफबीआई को रिपोर्ट कर रहा था तब उसे मुंबई हमले की साजिश से जुड़ी उन चेतावनियों के बारे में भी जानकारी रही होगी जो अमेरिका ने भारत सरकार को दी थी।

स्ट्रेटफॉर का कहना है कि हेडली दोहरा जासूस था या नहीं, यह तय कर पाना बेहद मुश्किल है क्योंकि कहा गया है कि वह उसी समय लश्कर और हूजी को भी रिपोर्ट करता था जब वह कथित तौर पर अमेरिकी सरकार के लिए काम कर रहा था।

हेडली हमारा एजेंट नहीं था :

अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने इस बात से इंकार किया है कि भारत पर आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उसका एजेंट था।

सीआईए की प्रवक्ता मैरी ई.हार्फ ने कहा कि वह हेडली के खिलाफ हो रही जांच पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगी लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि हेडली कभी भी सीआईए का एजेंट नहीं था।

संघीय अदालत ने हेडली पर अमेरिका के बाहर आतंकी हमले की साजिश रचने और आतंकवादी संगठनों को सहायता पहुंचाने का आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि मीडिया में यह खबर आई थी कि हेडली ने पहले डबल एजेंट के रूप में सीआईए और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम किया होगा।

हेडली को तीन अक्टूबर को संघीय जांच ब्यूरो के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल शिकागो जेल में है।

उधर, अमेरिका में रणनीतिक मामलों की प्रमुख संस्था 'स्ट्रेटफॉर' ने कहा है कि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि हेडली किसी का एजेंट था। मुंबई में पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले से पहले डेहली पांच बार भारत गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+