मुंबई हमले में संदिग्ध राणा की जमानत नामंजूर (राउंडअप)
इस बीच भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि वह किसी भी स्तर पर मुंबई हमले की साजिश रचने के मामले में संदिग्ध डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा तक पहुंचना चाहेगी। इसके लिए दोनों को जारी किए गए वीजा से संबंधित कागजातों के कथित रूप से गायब होने के बारे में शिकागो स्थित वाणिज्य दूतावास से रिपोर्ट मांगी गई है।
शिकागों में संघीय न्यायाधीश नेन आर. नोलन ने मंगलवार को राणा की जमानत याचिका खारिज करने से पहले उसकी 16 लाख डॉलर की संपत्ति, अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों और कनाडा की नागरिकता का उल्लेख किया।
नोलन ने कहा कि राणा के पास अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं के साधन और जानकारी है। उसके पास पर्याप्त आर्थिक क्षमता और अंतर्राष्ट्रीय संबंध हैं। रिहाई के बाद देश में उसके बने रहने की कोई गारंटी नहीं है।
नोलन ने यह नहीं बताया कि राणा सुरक्षा के लिए खतरा है या नहीं, लेकिन कहा कि उसकी जमानत नामंजूर करने के लिए पर्याप्त कारण हैं। सरकार को उसके फरार होने का अंदेशा है।
राणा को मुंबई हमले का औपचारिक आरोपी नहीं बनाया गया है लेकिन उस पर मुबंई हमले के आरोपी डेविड कोलमैन हेडली की मदद करने का आरोप है।
संघीय अभियोजकों ने सोमवार को अदालत को बताया था कि राणा को मुंबई हमले के बारे में पहले से जानकारी थी और उसने हत्यारों को बधाई दी थी। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) पर हमले को अंजाम देने का आरोप है।
अभियोजकों ने सोमवार को इस बात का भी खुलासा किया कि हेडली और राणा ने भारत में अन्य संभावित लक्ष्यों पर भी चर्चा की थी। दोनों के बीच जिन संभावित लक्ष्यों पर चर्चा हुई थी, उनमें कुछ बॉलीवुड सितारे, गुजरात में सोमनाथ मंदिर, दिल्ली में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय और शिव सेना के नेता शामिल हैं।
राणा के वकीलों ने उसे एक स्थानीय व्यापारी और अहिंसा में विश्वास करने वाला व्यक्ति साबित करने के लिए तीन गवाहों को पेश किया था। वकीलों ने कहा कि राणा अपने सह अभियुक्त हेडली द्वारा फंसाया गया है।
न्यायाधीश नोलन ने हालांकि कहा, "बचाव पक्ष की यह दलील कि सबूत यह साबित कर देंगे कि राणा को फंसाया गया है, अब तक सामने आए सबूतों की ईमानदार व्याख्या नहीं है।"
चिकित्सक की शिक्षा प्राप्त राणा पाकिस्तान के हसन अब्देल सैनिक स्कूल में हेडली के साथ पढ़ता था।
हेडली व राणा तक पहुंचना चाहेगा भारत :
भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि उसने मुंबई हमले की साजिश रचने के मामले में संदिग्ध डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा को जारी किए गए वीजा से संबंधित कागजातों के कथित रूप से गायब होने के बारे में शिकागो स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि वह किसी भी स्तर पर दोनों तक पहुंचना चाहेगी। सरकार ने हालांकि उन कयासों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है, जिनमें हेडली को एक गुप्त एजेंट कहा जा रहा है।
विदेश सचिव निरुपमा राव से जब यहां हेडली और राणा के गायब हुए वीजा कागजातों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैंने शिकागो स्थित अपने महावाणिज्य दूत से इस संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।" हेडली और राणा के वीजा कागजातों के गायब होने की खबर मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित हुई है।
शिकागो महावाणिज्य दूतावास ने हेडली और राणा को भारत यात्रा के लिए वीसा जारी किया था। दोनों ने वर्ष 2006 से 2008 के दौरान भारत के कई शहरों की यात्रा की थी और पाकिस्तान में लश्कर के आतंकियों को मुंबई हमले की साजिश रचने में मदद की थी।
मुंबई हमले में हेडली और राणा की भूमिका की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) वर्तमान में दोनों को जारी किए गए वीजा आवेदनों की जांच कर रही है।
निरुपमा राव ने कहा कि इस मामले की जांच में भारत को अमेरिका सरकार से बहुत सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि वे हमें हर स्तर पर सहयोग करेंगे।
हेडली के एक गुप्त एजेंट होने की संभावना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राव ने कहा कि वह फिलहाल इस बात की न तो पुष्टि करने की स्थिति में हैं और न इसे खारिज करने की ही स्थिति में हैं, क्योंकि जांच फिलहाल जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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