थाईलैंड के पुष्पों से सजा महाबोधि मंदिर
ऐसा नहीं कि इस मौसम में पहली बार इन फूलों से मंदिर का सजाया गया है। पिछले पांच वषरें से इस समय थाईलैंड के पुष्पों से मंदिर को सजाया जाता है। बौद्घ भिक्षु सोहानी भंता ने आईएएनएस को बताया कि वस्तुत: यह थाईलैंड के बौद्घ भिक्षुओं की श्रद्घा है।
भंता कहते हैं कि वर्तमान समय में यहां 'त्रिपिटक सूत पाठ पूजा' हो रही है जो मुख्य रूप से थाईलैंड की संस्था 'इंटरनेशनल ब्रदर हुड' द्वारा आयोजित हो रहा है। इसमें बहुत सारे थाईलैंड बौद्घ भिक्षु भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि सजावट में लगे फूलों में थाइलैंड से चुने गये लिली, मम, डाकबुआ, कटर, डाउरियंग, कड़ुम आदि लगाया गया है। ऐसे में ये फूल पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।
इधर, थाईलैंड से आए अचान क्रिस्टा कहते हैं कि थाईलैंड के बाग से चुने फूल को पानी में भिगे फोम में लगाकर पानी का हल्का छिड़काव कर बर्फ के साथ थर्मोकोल के बक्से में डालकर विमान से यहां लाया गया है। यह फूल कम से कम 15 दिनों तक ताजा और सुगंधित रहते हैं।
क्रिस्टा बताते हैं कि उक्त फूलों की कीमत बैंकाक फूल बाजार के किस्मों और मूल्यों के आधार पर तय होता है। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष यहां थाइलैंड से 50 लाख रुपये के फूल यहां आते हैं।
क्रिस्टा ने कहा कि प्रति वर्ष पर्यटन मौसम के समय उक्त पूजा के समय महाबोधि मंदिर को सजाया जाता है। उन्होंने कहा कि थाईलैंड के बौद्घ भिक्षुओं की इच्छा है कि अगले वर्ष दिसंबर से फरवरी तक उक्त फूल से मंदिर को सजाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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