शहरी क्षेत्र के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : प्रधानमंत्री (लीड-1)
मनमोहन सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में 'जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन' के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, " भागदौड़ शहरी जीवन शैली बनती जा रही है क्योंकि बुनियादी संरचना मांग से तालमेल बैठाने के लिए जूझ रही है। हमारे शहर और कस्बे तेजी से आधुनिक और विकसित होती अर्थव्यवस्था का स्वीकार्य चेहरा नहीं हैं। इन्हें अवश्य बदलना चाहिए और यह बदलाव बेहतरी के लिए होना चाहिए।"
उन्होंने इस बात को दोहराया कि सरकार शहरी क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्र का संतुलित विकास सरकार की समग्र विकास की रणनीति का एक अभिन्न हिस्सा है।
सिंह ने कहा कि पिछले चार बरस में मिशन बहुत सी अपेक्षाओं की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि कामयाबियों के बावजूद कुछ मसलों पर प्राथमिकता से गौर किए जाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहरीकरण के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की दरकार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार शहरों की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए जल्द ही राजीव आवास योजना शुरू करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में परिवर्तन की गति भले ही कुछ धीमा हो लेकिन अगले 20 वर्षो में शहरी आबादी दोगुनी हो सकती है। उन्होंने "भारत में परिवर्तन कुछ हद तक धीमा जरूर है लेकिन अगले 20 वर्षो में शहरी जनसंख्या दोगुनी हो सकती है। यह बात चुनौतीपूर्ण होने के साथ एक अनोखा अवसर भी है। अगर हमें इस चुनौती का प्रभावशाली ढंग से मुकाबला करना है तो शासन के संघीय तंत्र के सभी स्तरों पर ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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