लिब्रहान रिपोर्ट से मुस्लिम बोर्ड नाराज़
नई दिल्ली। बाबरी मस्जिद कांड की जांच करने के लिए गठित लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को क्लीन चिट दिए जाने पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कड़ी नाराज़गी जताई है। बोर्ड ने कहा है कि इस तरह लिब्रहान आयोग मुसलमानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य व मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना खालिद राशिद फिरंगीमहली ने कहा, "लिब्रहान रिपोर्ट कहती है कि बाबरी मस्जिद कांड के पीडि़त मुसलमानों के पुनर्वास के लिए बोर्ड और मुस्लिम संगठनों ने बहुत कम किया है। यह बड़े ही अफसोस की बात है, जो आयोग ने यह बात कही है।"
हिंदुओं की भी सहायता की
उन्होंने कहा कि आयोग को यह नहीं दिखा कि मुस्लिम संगठनों ने ही उस दौरान देश भर के मुसलमानों को सड़कों पर उतरने से रोका था। ऐसा न करते तो स्थितियां और गंभीर हो सकती थीं। रही बात पीडि़त मुसलमानों के पुनर्वास की तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की भी थी। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नेतो मुसलमानों ही नहीं बल्कि हिंदुओं की भी सहायता की थी।
लखनऊ के इमाम फिरंगी महली ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि लिब्रहान रिपोर्ट में उन लोगों को सजा दिलाने की बात क्यों नहीं कही गई, जो बाबरी मस्जिद कांड के दौरान हुए दंगों में मारे गए दो हजार लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं।












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