राणा के मामले में मदद करेगा कनाडा

दोनों देशों ने अपने संबंधों में और अधिक आर्थिक ऊर्जा उड़ेलने का संकल्प लिया। इसके तहत दोनों देश मुक्त व्यापार के क्षेत्र की संभावना तलाशने के लिए एक समिति के गठन पर सहमत हो गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के साथ व्यापार व निवेश, असैन्य परमाणु सहयोग, वैश्विक वित्तीय संकट, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन सहित कई सारे द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की।
दोनों नेताओं के बीच व्यापक बातचीत के बात दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ऊर्जा को लेकर हुए समझौते का मकसद अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता, तेल व प्राकृतिक गैस, विद्युत उत्पादन, संचरण, वितरण और अंतिम उपयोग, ऊर्जा अनुसंधान व विकास के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।
दूसरे समझौते के तहत भारत और कनाडा के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की संभावना तलाशने के लिए एक संयुक्त अध्ययन समूह का गठन किया जाएगा। यह संयुक्त अध्ययन समूह अपनी पहली बैठक दिसंबर के पूर्वार्ध में आयोजित करेगा। यह समूह छह महीने के भीतर अध्ययन को अंजमा दे देगा।
बातचीत के बाद जारी हुए एक संयुक्त बयान में कहा गया है, "दोनों सरकारों ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए सांस्थानिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जारी प्रयासों का स्वागत किया है। इसमें द्विपक्षीय निवेश संवर्धन एवं संरक्षण करार, सामाजिक सुरक्षा करार और असैन्य परमाणु सहयोग करार शामिल हैं।"
एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "बहुत जल्द ही हमारे बीच एक परमाणु सहयोग समझौता होगा।" हार्पर ने भरोसा दिलाया, "भारत एक स्थायी और विश्वसनीय साझेदार है। हमें असैन्य परमाणु समझौता करने में कोई झिझक नहीं है।" दोनों नेताओं के बीच आतंक निरोधी सहयोग को बढ़ाने और अफगानिस्तान के हालात के बारे में भी प्रमुखता से चर्चा हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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