नक्सलियों ने इंस्पेक्टर को मारा

झारखंड में नक्सलवादियों ने एक पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या कर दी है. पिछले हफ़्ते ही उनका एक बाज़ार से अपहरण किया गया था. इंस्पेक्टर फ़्रांसिस इंदवार की लाश मंगलवार की सुबह राँची-जमशेदपुर मार्ग में मिली. पुलिस का कहना है कि सोमवार की रात उनकी हत्या की गई है.
उधर माओवादियों का कहना है कि उन्होंने अपने गिरफ़्तार साथियों की रिहाई के लिए फ़्रांसिस इंदवार को 'गिरफ़्तार' किया था और माँगे पूरी न होने पर उन्हें मार दिया गया. नक्सलियों या माओवादियों ने इंस्पेक्टर की रिहाई के बदले अपने साथियों कोबाड गांधी और छत्रधर महतो आदि की रिहाई की मांग की थी लेकिन पुलिस ने इस संबंध में किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया था.
अपहरण
खुंटी के ज़िला मुख्यालय में पिछले हफ़्ते नक्सलियों ने भीड़ भरे बाज़ार से फ़्रांसिस इंदवार का अपहरण कर लिया था. फ़्रांसिस इंदवार झारखंड पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग, जिसे स्पेशल सेल कहा जाता है, में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे.
उनकी हत्या की ख़बर आने के बाद सीपीआई (माओवादी) के ज़ोनल कमेटी के सेक्रेटरी समर जी ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा, “हमारे लोगों को पुलिस जिस तरह से गिरफ़्तार कर रही है, उसी तरह से हमने इंस्पेक्टर इंदवार को गिरफ़्तार किया था."
उन्होंने कहा है कि उनकी मांगे न मानने के कारण इंस्पेक्टर को मार दिया गया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हम गांधी नहीं है कि कोई एक गाल पर थप्पड़ मारे तो हम अपना दूसरा गाल आगे कर दें." कोबाड गांधी का ज़िक्र करते हुए यह पूछने पर कि गांधी तो उनके संगठन में भी हैं, उन्होंने कहा, “हमारा गांधी मार्क्सवादी-माओवादी है."
समरजी ने चेतावनी दी कि पुलिस ने झारखंड के सचिव कुंदन पाहन के रिश्तेदारों को गिरफ़्तार किया है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए वरना वे भी अधिकारियों के रिश्तेदारों को 'गिरफ़्तार करना" शुरु कर देंगे.












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