फेल हुआ राहुल का दलित फॉर्मूला
कांग्रेसी नेताओं ने इस फरमान की ऐसी किरकिरी की कि अब राहुल खुद किसी दलित के घर बिताने जाएंगे तो इस दिन को याद करेंगे।
हुआ यूं कि गांधी जयंती के मौके पर सोनिया गांधी और राहुल ने फरमान जारी किया कि यूपी के सभी कांग्रेसी नेता अपने-अपने संसदीय क्षेत्र के दलित बहुल इलाकों में जाकर उनके घरों में रात बिताएंगे और खाना खाएंगे। अब कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने खुद छूत-अछूत की कुप्रथाओं को आखिर दिखा ही दिया।
अब देखिए किसने क्या किया
राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल- कानपुर के सांसद जायसवाल जी दलित बस्ती में गए तो, लेकिन उन्हें दलित के हाथों का बनाया हुआ खाना मंजूर नहीं था। वो खाना पकाने के लिए हलवाई साथ लेकर गए थे। यही नहीं रात को सोने की बारी आयी तो मोटे गद्दों पर लेटे वो भी जनरेटर के इंतजाम के साथ। कहीं ऐसा न हो रात को बिजली चली जाए और उनकी नींद खराब हो।
मोहम्मद अजहरुद्दीन- मुरादाबाद से सांसद अजहर ने भी दलित के घर पर रहकर उनके हाथों के बजाए हलवाई के हाथ से पका हुआ खाना खाया।
अन्नू टंडन- उन्नाव से सांसद टंडन जी दलित बस्ती में रात गुजारने पहुंचे और उन्होंने आस-पास के सभी लोगों का हाल लिया। उनकी जमीनी समस्याएं पूछीं और उनके निदान का आश्वासन दिया, लेकिन जब बारी खाना खाने की आयी तो दलित के घर की थाली के बजाये प्लास्टिक की थालियां और डिस्पोजेबल गिलास नजर आए।
खबर है कि कई जिलों में सांसद व वरिष्ठ नेता दलितों की बस्तियों में पहुंचे तो लेकिन वहां खाना खाने के बजाए उन क्षेत्रों के धनाड्य लोगों के घर जाकर खाना खाया।













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