आतंकवाद, हिंसा के बीच वार्ता नहीं : भारत

विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने रविवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के प्रति भारत की गंभीर चिंता से अवगत कराया।
कुरैशी के साथ डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली वार्ता केबाद कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने पाकिस्तान को बताया कि वहां स्थित आतंकवादी संगठनों के बारे में भारत की चिंता गंभीर है और उनके खिलाफ ठोस तथा प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता का उल्लेख किया।"
कृष्णा ने वार्ता को "स्पष्ट, उपयोगी और रचनात्मक" बताया।
पाकिस्तान के मुंबई हमले के बाद से स्थगित समग्र वार्ता को आरंभ करने के आग्रह को नकारते हुए कृष्णा ने कुरैशी से कहा कि किसी भी अर्थपूर्ण वार्ता प्रक्रिया के लिए हिंसा-मुक्त वातावरण की आवश्यकता होती है।
पाकिस्तान ने जहां मुंबई पर 26/11 के हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी दी, वहीं कृष्णा ने कहा कि हमले के सूत्रधार जमात-उद-दावा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ मामला भी भारत की एक चिंता है।
पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के भारत के लिए खतरा पैदा करने के बारे में कुरैशी ने आश्वासन दिया कि पाकिस्तानी धरती का उपयोग भारत के खिलाफ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और मुंबई हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कुरैशी ने बताया कि मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शीघ्र ही आरंभ होने वाला है और उनको सजा दिलाने के लिए पाकिस्तान सरकार प्रयास करेगी।
पाकिस्तान की पर्दे के पीछे की वार्ता का आग्रह भी ठुकराते हुए भारत ने कहा कि जब पर्दे के सामने वार्ता का विकल्प खुला है तो पर्दे के पीछे वार्ता की कोई आवश्यकता नहीं है।
'सफल वार्ता' के बाद एक अलग संवाददाता सम्मेलन में कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान भारत सहित अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहता है और दोनों पक्ष वार्ता जारी रखने पर सहमत हैं।












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