जसवंत को निकालना नहीं चाहते थे आडवाणी

अब ऐसा समझा जाता है कि चिंतन बैठक में इस मुद्दे पर आडवाणी अकेले पड़ गए थे। उन्होंने जसवंत सिंह को पार्टी के संसदीय बोर्ड और राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाने जैसे अनुशासनात्मक कदम की सिफारिश की थी। आडवाणी का मानना था कि इस तरह की कार्रवाई से भी पार्टी और अन्य जगहों पर यह संदेश चला जाएगी कि जसवंत सिंह को सजा मिली है और उन्हें पार्टी से निकालने से बचा जा सकता था।
लेकिन, दूसरी तरफ जसवंत सिंह को बाहर का रास्ता दिखाने की गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की राय को पार्टी में एकमत से समर्थन मिला। मोदी ने जसवंत की किताब में सरदार पटेल पर टिप्पणी के संभावित प्रतिकूल असर के चलते जसवंत सिंह को निकालने की वकालत की थी। अनंत कुमार और विनय कटियार जैसे नेताओं ने जोरशोर से जसवंत को निकालने की मांग की थी।












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