बांग्लादेश: चीनी ने घटाई सेंवई की मिठास

चीनी की आपूर्ति कम होने के कारण इसके दाम 65 टका को पार कर गए है और लोग वाजिब कीमत वाली मोबाइल दुकानों पर 42 टका प्रति किलो चीनी खरीदने के लिए कतारें लगा रहे हैं।
चीनी की बढ़ती कीमतों के कारण निजी उद्यमियों द्वारा चीनी का निर्यात करने पर रोक लगाने की मांग हो रही है। संसद की एक समिति इसके लिए 2007-2008 में शासन करने वाली कार्यवाहक सरकार पर आरोप लगा रही है।
चीनी की ऊंची कीमतों के लिए रिफायनर्स और थोक व्यापारी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। रिफायनर्स का कहना है कि उन्होंने अपने फैक्टरी गेट से 4,000 टन चीनी निकाल कर 39 टका प्रति किलो की दर से थोक व्यापारियों को बेचा है। लेकिन थोक व्यापारी इसे गलत बताते हैं।
त्यौहार के सीजन में चीनी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। मीडिया रिपोर्ट्स में सरकार को आपूर्ति और कीमतों पर नियंत्रण कर पाने में असफल बताया जा रह है। सरकार के लचर रवैये से व्यापारी कालाबाजारी कर अनाप-शनाप मुनाफा कमा रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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