तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं देशी कॉफी उत्पादक
सरकारी उपक्रम 'कॉफी बोर्ड' के निदेशक वाई. रघुरामुलु ने कॉफी किसानों के सम्मेलन के मौके पर आईएएनएस से बातचीत में कहा, "दुनिया भर में कॉफी का उपभोग प्रति वर्ष पांच फीसदी की दर से बढ़ने और वैश्विक भंडार कम होने के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय कॉफी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी।"
भारतीय कॉफी की किस्में अराबिका और रोबुस्टा अपनी गुणवत्ता, सुगंध और प्रतियोगी कीमतों के कारण दुनिया भर में लोकप्रिय हैं। कुल कॉफी उत्पादन के एक तिहाई हिस्से की खपत घरेलू बाजार में होती है और शेष 75 फीसदी कॉफी अन्य देशों को निर्यात की जाती है।
रघुरामुलु ने कहा, "कॉफी क्षेत्र को वर्ष 2001-02 से 2004-05 तक चार वित्तीय वर्ष में कीमतों में कमी, सूखे और कॉफी में लगने वाले कीड़ों की समस्याओं से जूझना पड़ा। हमारी कॉफी खासकर रोबुस्टा किस्मों की गुणवत्ता की धाक पुरी दुनिया में जमने के बाद हमने जोरदार वापसी की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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