वसुंधरा की कभी हां कभी ना

वसुंधरा के नए तेवरों से भाजपा आलाकमान खासा नाराज और परेशान है। इस्तीफे को लेकर वसुंधरा ने शुरु से ही ढुलमुल रवैय्या अपना रखा था और अब साफ-साफ इंकार भी कर दिया।
इस स्थिति से निपटने के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं ने सोमवार देर शाम लालकृष्ण आडवाणी के साथ मंत्रणा भी की लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। अब सवाल यह उठता है कि वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह द्वारा पाटी की विचारधारा के खिलाफ कदम उठाने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा चुकी भाजपा वसुंधरा राजे के खिलाफ कोई भी कदम उठाने से क्यों हिचक रही है।
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण राजे के साथ ज्यादातर विधायकों का होना है। भाजपा काफी मशक्कत के बाद भी विधायकों को राजे के खिलाफ नहीं कर सकी है।












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