मायावती फिर बनीं बसपा की सुप्रीमो

इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यों के प्रमुख, सासंद और विधायक शामिल हुए। अध्यक्ष चुने जाने के बाद मायावती ने अपने संबोधन में कहा कि बसपा के आंदोलन को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए वह पूरी लगन, निष्ठा, शक्ति और समर्पण की भावना से हमेशा की तरह काम करती रहेंगी।
समाप्त होगा जन्मदिन के लिए आर्थिक सहयोग
मायावती ने इस अवसर पर कहा कि उनके जन्मदिन पर होने वाले आर्थिक सहयोग को अगले वर्ष से समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सदस्यता शुल्क के तौर पर केवल 40 रुपये लिए जाएंगे। सदस्यता के लिए हर वर्ष एक जनवरी से 31 मार्च के बीच विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता की व्यापक संभावना है और पार्टी कार्यकर्ताओं को जी जान से मेहनत कर बसपा को सत्ता में पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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