'बरमूडा त्रिकोण' में तो नहीं फंसा ए-330?

क्या है बरमूडा त्रिकोण
जी हां बरमूडा त्रिकोण अटलांटिक महासागर का वो भाग है, जिसे 'डेविल्स ट्राइएंगल' भी कहा जाता है यानी दानवी त्रिकोण। बताया जाता है कि यह उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित वो स्थान है जहां तमाम विमान और पानी के जहाज गये और संदिग्ध रूप से लापता हो गये। उनके बारे में फिर किसी को कुछ नहीं पता चला। यह त्रिकोण वैज्ञानिकों के लिए भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।
बताया जाता है कि इस त्रिकोणीय भौगोलिक क्षेत्र में प्रवेश करते ही विमान में या तो कोई मानवीय गलती हो जाती है, विमान में कोई खराबी आ जाती है या फिर विमान किसी प्राकृतिक आपदा का शिकार हो जाता है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में भौतिक के कुछ नियम बदल जाते हैं, जिस कारण ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं।
क्या यहीं पर गिरा एयर फ्रांस का विमान ?
स्ट्रेट्स ऑफ फ्लॉरिडा, बाहामास और करेबियन द्वीप की सीमाओं से लगे अस बरमूडा त्रिकोण के बारे में किताबों में आसानी से मिल सकता है। इसके तीन शीर्ष हैं पहला फ्लॉरिडा का अटलांटिक कोस्ट, दूसरा सान जुआन और तीसरा अटलांटिक महासागर के बीच स्थित बरमूडा द्वीप। ज्यादातर दुर्घटनाएं त्रिकोण की दक्षिणी सीमा के पास होती है, जो बहामास और फ्लॉरिडा के पास स्थित है।
सोमवार को ब्राजील से पैरिस के लिए उड़ा विमान उड़ान भरने के चार घंटे तक एयर कंट्रोल रूम के संपर्क में रहा। यदि समय का आंकलन किया जाए तो चार घंटे बाद यह विमान के बरमूडा त्रिकोण की सीमा में प्रवेश करने की आशंका प्रबल हो गई है।
विमान का मलबा मिला!
मंगलवार को दिन भर अटलांटिक महासागर में चले सर्च ऑपरेशन में एक दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि यह एयर फ्रांस के विमान ए-330 का ही मलबा है। हालांकि इस बात की अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विमान के मलबे को पहली बार एक मालवाहक जहाज के क्रू ने देखा। अगर जांच दल अगर विमान के ब्लैक बॉक्स को खोजने में कामयाब होता है, तो दुर्घटना के कारणों का ठीक-ठीक पता चल जाएगा, पर आशंका है कि यह सागर की तलहटी में चला गया होगा।
अबतक कौन-कौन से जहाज हुए लापता
-1872 में जहाज 'द मैरी' बरमूडा त्रिकोण में लापता हुआ, जिसका आजतक कुछ पता नहीं।
-1945 में नेवी के पांच हवाई जहाज बरमूडा त्रिकोण में समा गये। ये जहाज फ्लाइट-19 के थे।
-1947 में सेना का सी-45 सुपरफोर्ट जहाज बरमूडा त्रिकोण के ऊपर रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया।
-1948 में जहाज ट्यूडोर त्रिकोण में खो गया। इसका भी कुछ पता नहीं।
-1950 में अमेरिकी जहाज एसएस सैंड्रा यहां से गुजरा, लेकिन कहां गया कुछ पता नहीं।
-1952 में ब्रिटिश जहाज अटलांटिक में विलीन हो गया। 33 लोग मारे गये, किसी के शव तक नहीं मिले।
-1962 में अमेरिकी सेना का केबी-50 टैंकर प्लेन बरमूडा त्रिकोण के ऊपर से गुजरते वक्त अचानक लापता हुआ।
-1972 में जर्मनी का एक जहाज त्रिकोण में घुसते ही डूब गया। इस जहाज का भार 20 हजार टन था।
-1997 में जर्मनी का विमान बरमूडा त्रिकोण में घुसते ही कहां गया, कुछ पता नहीं।












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