निरोगी रहना है तो पूजा-पाठ कीजिए
जबलपुर, 9 फरवरी (आईएएनएस)। अगर आप निरोगी रहने के साथ ही लंबी उम्र चाहते हैं तो आपको पूजा-पाठ करना होगा। यह किसी धर्मगुरु की वाणी नहीं है, बल्कि जबलपुर चिकित्सा महाविद्यालय के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ़ आऱ एस़ शर्मा द्वारा किए गए शोध का निष्कर्ष है।
आपाधापी भरी जिंदगी में रक्तचाप से लेकर हृदय रोग जैसी घातक बीमारियां मानव शरीर में अपना असर दिखाने में पीछे नहीं है। हृदय रोगियों के इलाज के दौरान डॉ़ शर्मा ने कई लोगों को अधिक उम्र के बावजूद सेहतमंद पाया तो उन्होंने इस पर शोध शुरू कर दिया। डॉ़ शर्मा ने 250 महिलाओं व 250 पुरुषों को आपने शोध में शामिल किया।
उन्होंने पाया कि इस शोध में शामिल 90 प्रतिशत लोग निरोगी हैं। इसके कारणों की पड़ताल के बाद पता चला कि ऐसे सभी लोग ईश्वर में आस्था रखते हैं और नियमित देवालय जाते हैं।
डॉ़ शर्मा ने अपने शोध का पर्चा पिछले दिनों नोएडा में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में भी प्रस्तुत किया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने इस बात से सहमति जताई कि धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के लोग अन्य लोगों की तुलना में निरोगी रहते हैं।
डॉ़ शर्मा ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि भारतीय वैदिक पद्धति और संस्कारों को अभी तक वैज्ञानिक आधार नहीं मिला था। उनके शोध से साबित हो गया है कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां व्यक्ति के मन को प्रफुल्लित रखती हैं। मन प्रसन्न रहने से तनाव का ज्यादा असर नहीं हो पाता। लिहाजा रक्तचाप व हृदय संबंधी रोगों से व्यक्ति बचा रहता है।
जो लोग स्वस्थ्य रहने के साथ ही अधिक उम्र चाहते हैं, उनके लिए डॉ़ शर्मा ने एक और रास्ता ढूंढ़ निकाला है। डॉ़ शर्मा इस रास्ते को बाय फीड मैकेनिज्म बताते हैं। इसके तहत व्यक्ति को अपने हृदय की धड़कन सुननी होती है। इसके लिए स्टैथस्कोप की मदद लेनी पड़ती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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