हिमाचल सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देगी : धूमल
मुख्यमंत्री प्रो़ प्रेम कुमार धूमल ने मंगलवार को धर्मशाला में जनजातीय सलाहकार समिति की 39वीं बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के जनजातीय समुदाय के सदस्यों से जिला, उपमंडल एवं ग्रामीण स्तर पर गठित वन अधिनियम समितियों, जो अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वन में निवास (वन अधिकारों की पहचान) अधिनियम-2006 को कार्यान्वित करने के लिए गठित की गयी हैं, को हर संभव सहयोग प्रदान करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने लोगों से ग्रामीण स्तर की समितियों के समक्ष मामलों, जिसमें आवंटित नौ-तोड़ प्लाट भी शामिल हो सकते हैं, को प्रस्तुत करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों को और अधिक अधिकार भी उपलब्ध करवाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उपायुक्त किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति तथा पांगी के आवासीय आयुक्त प्रदेश तथा केन्द्रीय सरकार के स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात् एक सप्ताह के भीतर नौ-तोड़ प्लाटों के आवंटन को सुनिश्चित बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि लगभग 20 करोड़ रुपये व्यय कर छात्रों को 20 जनजातीय छात्रावास उपलब्ध कराए जाएंगे तथा जनजातीय छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा सहायता, मैट्रिक पूर्व एवं पश्चात् छात्रवृत्तियां, एम.फिल एवं पी़ एच.डी़ तक तथा परीक्षा पूर्व अनुशिक्षण (कोचिंग) सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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