चुनाव आयुक्तों के बीच घमासान

मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह सिफ़ारिश भारतीय जनता पार्टी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए की है जिसमें आरोप लगाए गए थे कि नवीन चावला 'पक्षपाती' हैं क्योंकि वे कांग्रेस के क़रीबी हैं.
एन गोपालस्वामी ने यह सिफ़ारिश ऐसे समय पर की है जब उनका कार्यकाल ख़त्म होने वाला है और वे 20 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं.
दूसरी ओर आम चुनाव सिर पर हैं और चुनाव आयोग संकेत दे चुका है कि अप्रैल-मई में लोकसभा के चुनाव होंगे.
मतभेद
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "मैंने अपना काम किया. रिपोर्ट दे दी गई है."
उन्होंने राष्ट्रपति को भेजी गई इस रिपोर्ट के विवरण देने से इनकार किया है और कहा है कि यह गोपनीय दस्तावेज है.
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि राष्ट्रपति ने यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजी है या नहीं.
लेकिन यह साफ़ है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह कार्रवाई भाजपा की शिकायत की जाँच करने के बाद की है जिसमें आरोप लगाया गया था नवीन चावला कांग्रेस के क़रीबी हैं और वे अपने निर्णयों में 'पक्षपाती' होते हैं.
चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की बात अक्सर आती रही है.
पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख़ों को लेकर और फिर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मामले को लेकर नवीन चावला और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच मतभेद की ख़बरें आई थीं.












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