आज भी रहस्य है नेताजी की मौत
सबसे बड़ा रहस्य यह है कि क्या नेताजी सुभाषचंद्र बोस ताईवान में हुई विमान दुर्घटना में मारे गए थे? यदि यह सच है तो फिर केजीबी के अभिलेखागार में पाए गए उस पत्र के बारे में क्या कहा जाए, जिसे नेताजी ने लिखा था कि वह सुरक्षित सोवियत संघ पहुंच गए।
दूसरी ओर बोस की मृत्यु के कारणों की पड़ताल करने वाले न्यायमूर्ति एम.के.मुखर्जी आयोग के निष्कर्ष में कहा गया है कि ताईपेइ हवाई अड्डे पर उस दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई थी।
इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) में नेताजी के अंगरक्षक रहे 89 वर्षीय कैप्टन शोभाराम तोकास का मानना है कि नेताजी की मौत 18 अगस्त 1945 को किसी विमान दुर्घटना में नहीं हुई।
तोकास कहते हैं, "नेताजी की मौत विमान दुर्घटना में नहीं हुई। यदि ऐसा हुआ तो उनके साथ रहे कैप्टन हबीबुर्रहमान कैसे बच कर वापस आ गए? उनकी वर्दी पर खरोच तक के निशान नहीं थे, लेकिन नेताजी के शव के बारे में बताया गया कि वह जल कर राख हो गया। क्या यह संभव है?"
दूसरी ओर वर्ष 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद नेताजी द्वारा लिखा गया एक पत्र केजीबी के अभिलेखागार में पाया गया। फारवर्ड ब्लॉक के महासचिव जी.देवराजन कहते हैं, "यह पत्र 1946 में लिखा गया था। पत्र पर दर्ज तारीख, विमान दुर्घटना की बताई गई तारीख से एक वर्ष से भी अधिक समय बाद की है।"
देवराजन कहते हैं कि सरकार ने वर्ष 2006 में संसद में प्रस्तुत की गई न्यायमूर्ति मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट में भी कहा गया था कि ताईपेइ हवाई अड्डे पर 18 अगस्त 1945 को या उसके एक सप्ताह पहले या बाद में कोई विमान दुर्घटना हुई ही नहीं थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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