• search

स्काईकार: लंदन से टिम्बकटू

By Staff
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    स्काईकार: लंदन से टिम्बकटू

    यह रोमांचक कार्य करने जा रही है एक टीम जो अपनी इस कार से जिसे वो 'उड़न कार' कहती है.

    लंदन से शुरु होने वाली यह अविश्वसनीय यात्रा यूरोप और अफ़्रीका के रास्ते सड़क और वायु मार्ग से माली के टिम्बकटू में ख़त्म होगी.

    विशालकाय पंखे और पैराग्लाइडर की तरह पैराशूट से लैस यह कार फ़्रांस, स्पेन, मोरक्को, पश्चिमी सहारा से होते हुए माली पहुँचेगी.

    इस बीच यह मोरक्को में एटलस पर्वत श्रृंखला, ज़िब्राल्टर के जलडमरूमध्य और सहारा के मरुस्थल को पार करेगी.

    छह हज़ार किलोमीटर की यह यात्रा छह हफ़्तों में पूरी होनी है.

    तकनीक

    इस कार का आविष्कार एक युवा ब्रितानी ने किया है.

    यह स्काईकार या हवाईकार एक बटन दबाने भर से उड़ान भरने लगेगी जैसे कि कोई माइक्रोलाइट हेलिकॉप्टर उड़ान भरता है. इस प्रक्रिया में केवल तीन मिनट का समय लगता है.

    इस स्काईकार के पीछे खड़ी टीम का कहना है कि यह दुनिया की पहली वैध उड़न कार है जो दो तरह के ईंधन से चलती है.

    सिर्फ़ 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार में आने के बाद यह उड़ान भर सकती है और 650 फ़ुट की जगह मिलने पर उसका इस्तेमाल हवाईपट्टी की तरह किया जा सकता है.

    दो सीटों वाली इस उड़न कार का आविष्कार 29 साल के गिलो कार्डोज़ो ने किया है.

    ये हैं स्काईकार के युवा आविष्कारक कार्डोज़ो

    वो स्वयंप्रशिक्षित इंजीनियर हैं और इस उड़न कार का सपना बचपन से ही देखते आए हैं.

    उनका कहना है, "हम कार चलाते हैं और हवाई जहाज़ उड़ाते हैं और मैं सोचता था कि हम दोनों क्यों नहीं कर सकते? इसमें जो समस्या थी वो उड़ान भरने की तकनीक की थी लेकिन मुझे लगता है कि स्काईकार के ज़रिए हमने उसे भी ढूँढ़ निकाला है."

    इससे पहले कार्डोज़ो ने मशीनयुक्त पैराग्लाइडर बनाया था और इसी के सह-पायलट की तरह वो ब्रितानी बियर ग्राइल्स के साथ वर्ष 2007 में माउंट एवरेस्ट की चोटियों पर पहुँचे थे.

    इस यात्रा में सह-पायलट की तरह उनके साथ नील लाउटन होंगे जो ब्रितानी सेना की स्पेशल एयर सर्विस (एसएएस) में अधिकारी रह चुके हैं.

    कार्डोज़ो का कहना है कि टिम्बकटू मिशन में अगर वे अपनी कार की सफलता साबित कर सके तो वे इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरु करेंगे और यह जनता के लिए 50 हज़ार पाउंड यानी क़रीब 40 लाख रुपयों में उपलब्ध होगी.

    चुनौती भरी यात्रा

    माली का टिम्बकटू दुनिया भर की कहानियों-किस्सों में एक काल्पनिक जगह के रुप में मशहूर रही है. यानी एक ऐसी जगह कहीं नहीं है.

    दो सौ मीटर की जगह को हवाईपट्टी की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है

    लेकिन इस रोमांचक यात्रा ने इस जगह को जानबूझकर चुना है.

    हालांकि यह टीम जानती है कि यह पूरी यात्रा चुनौतियों से भरी हुई है. इसमें न केवल ख़राब मौसम की चुनौती है बल्कि राजनीतिक परिस्थितियाँ भी कठिनाई खड़ी कर सकती है.

    वर्ष 2007 में इस्लामिक चरमपंथियों की धमकियों के बाद मॉरिटानिया में पैरिस-डाकर वार्षिक कार रैली को रद्द करना पड़ा था.

    किसी भी आपातकाल में उतरने के लिए इस स्काईकार में एक अतिरिक्त पैराशूट भी लगाया गया है जो इसे आहिस्ता-आहिस्ता ज़मीन पर उतार देगा.

    जैसी कि तैयारी है इस यात्रा में हर समय सहायता के लिए एक काफ़िला साथ-साथ चलता रहेगा.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more