रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं: चिदंबरम

ब्रिटेन के समाचार पत्र टाइम्स से बातचीत में चिदंबरम ने कहा,'' भारत और पाकिस्तान के बीच कई संबंध हैं और यदि उसने मुंबई हमले के दोषियों को पकड़वाने में सहयोग नहीं दिया तो ये संबंध कमजोर होते जाएंगे और एक दिन टूट जाएंगे.''
चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान ने अभी तक मुंबई हमले के संबंध में कोई सहयोग नहीं दिया है.
उनका कहना था,'' यदि पाक सहयोग नहीं करता है तो हम उसके व्यापारियों को क्यों प्रोत्साहित करें, उनके पर्यटकों की आवभगत क्यों करें और अपने पर्यटकों को पाकिस्तान क्यों भेजें.''
चिदंबरम ने हालांकि ये बताने से इनकार कर दिया कि सरकार ये क़दम कब उठाएगी.
जवाब का इंतज़ार
उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले सप्ताह सबूतों के संबंध में दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपा था लेकिन पाकिस्तान ने अभी भी कोई जवाब नहीं दिया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच कई संबंध हैं और यदि उसने मुंबई हमले के दोषियों को पकड़वाने में सहयोग नहीं दिया तो ये संबंध कमजोर होते जाएंगे और एक दिन टूट जाएंगे पी चिदंबरम, गृह मंत्री
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दूसरी ओर भारत सरकार ने भारत दौरे पर आए ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड को सोमवार को मुंबई हमले की जांच में हुई प्रगति से अवगत कराया.
इसके बाद ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा है कि मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा ज़िम्मेदार है और पाकिस्तान सरकार को इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी ही होगी.
भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मिलिबैंड ने साफ़ कहा कि पाकिस्तान सरकार को लश्करे तैबा को जड़ से ख़त्म करने के लिए उपाय करने ही होंगे.
मिलिबैंड का कहना था, '' हम मुंबई हमलों पर भारत से बिल्कुल सहमत हैं कि इसमें पाकिस्तान स्थित लश्करे तैबा का हाथ है और उसे जड़ से ख़त्म करने के लिए पाकिस्तान को क़दम उठाने ही होंगे. यह पाकिस्तान की ज़िम्मेदारी है.''
उनका कहना था कि पाकिस्तान सरकार का इन हमलों में हाथ नहीं है लेकिन लश्करे तैबा ज़रुर इसमें शामिल है.












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