जलवायु परिवर्तन का पाकिस्तान पर ज्यादा बुरा प्रभाव : पचौरी
पचौरी यहां 'जलवायु परिवर्तन : दक्षिण एशिया के लिए चुनौतियां व अवसर' नामक एक क्षेत्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे।
पचौरी ने कहा कि पाकिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों व पर्यावरण पर भारी दबाव है।
समाचार पत्र डान के अनुसार पचौरी ने कहा, "जलवायु परिवर्तन यहां की व्यवस्था को बिगाड़ रहा है। जल आपूर्ति का मुद्दा पहले से पाकिस्तान के कई सारे हिस्सों में गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। इसका खाद्य उत्पादन पर बुरा अरस पड़ेगा। मत्स्य पालन जैसे निर्यात उद्योग पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा। तटीय इलाकों के डूबने का खतरा रहेगा। निचले इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के घर डूब सकते हैं।"
पचौरी ने कहा कि पाकिस्तान बहुत कम मात्रा में क्लोरोफ्लोरो कार्बन उत्पन्न करता है। सल्फर डाईआक्साइड का उत्सर्जन भी मामूली मात्रा में करता है। इस लिहाज से अम्ल वर्षा व ओजोन परत को क्षति पहुंचाने में पाकिस्तान का योगदान न के बराबर है। लेकिन वह जलवायु परिवर्तन व अन्य तरह की वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं से अपेक्षाकृत अधिक पीड़ित होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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