शिबू चुनाव हारे, भाजपा ने मांगा इस्तीफा (लीड-1)
सोरेन को झारखंड पार्टी (झापा) के उम्मीदवार राजा पीटर ने 9062 मतों से हराया। गौरतलब है कि झापा राज्य की सत्ताधारी गठबंधन का एक घटक दल है।
सोरेन पिछले 27 अगस्त को जब राज्य का मुख्यमंत्री बने थे तो वे राज्य विधानसभा के सदस्य नहीं थे। मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के भीतर चुनाव जीतना आवश्यक था।
हार के बाद अभी तक सोरेन का बयान नहीं आया है लेकिन उन्हें हराने वाले राजा पीटर ने अपनी जीत को तमाड़ की जनता की जीत बताया है। उन्होंने कहा, "मैं पिछले 10 वर्षो से यहां काम कर रहा हूं और लोगों ने मेरे काम का तवज्जो दी है।"
इस बीच प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने सोरेन के इस्तीफे के साथ-साथ राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता अर्जुन मुंडा ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा, "राज्य में राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प बचा है। इसके बाद नए सिरे से विधानसभा का चुनाव होना चाहिए। राज्य की जनता अब कोई प्रयोग नहीं चाहती।"
पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "यह सिर्फ सोरेन और झारखंड सरकार की हार नहीं हैं, यह कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की भी हार है। यह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की हार है।"
उन्होंने कहा, "नैतिकता के आधार पर सोरेन को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और राज्य में चुनाव कराने चाहिए। झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है और यह अब समाप्त होना चाहिए।"
इस बीच सूत्रों से जानकारी मिली है कि राज्य की ताजा राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा के लिए संप्रग के केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को दिल्ली तलब किया है।
सूत्रों का कहना है कि संप्रग का केंद्रीय नेतृत्व सोरेन को इस्तीफा देने को कहेगा और राज्य में नई सरकार के गठन की कवायद शुरू करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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