सर्वोच्च न्यायालय ने लालू के खिलाफ याचिका खारिज की
याचिका में यादव पर रेलवे में नौकरी व ठेका उपलब्ध कराने के बदले बिहार में भारी अचल संपत्ति खड़ी करने का लालू पर आरोप लगाया था और इसकी जांच के आदेश देने की अदालत से मांग की गई थी।
प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन व न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम की खंडपीठ ने याची, पूर्व सांसद राजीव रंजन सिंह लल्लन को इस मामले में प्रधानमंत्री के निर्णय का इंतजार करने के लिए कहा।
खंडपीठ ने याची के वकील राजीव धवन से मामले से संबंधित सभी सूचनाओं को केंद्रीय सतर्कता आयोग को सुपुर्द करने को कहा।
खंडपीठ ने कहा कि बेशक आपने ढेर सारी सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं, लेकिन किसी जांच का आदेश दे पाना संभव नहीं है।
वरिष्ठ अधिवक्ता धवन ने अदालत में कहा कि चूंकि लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) संप्रग सरकार में साझेदार है, लिहाजा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जांच का आदेश नहीं दे पाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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