अमन चैन की खातिर ताजिया बनाते हैं किन्नर

नंदलालपुरा में रहने वाले किन्नर मोहर्रम के मौके पर ताजिया बनाते हैं। पहले यह ताजिया छोटे आकार का हुआ करता था, मगर वक्त गुजरने के साथ इसका आकार भी बढ़ता गया। इस साल जो ताजिया बनाया गया है वह 12 फुट का है। मान्यता है कि इस ताजिये पर आकर मन्नत मांगने वाले की मुराद पूरी होती है। मुराद पूरी होने पर लोग चांदी चढ़ाते हैं।

किन्नरों के गुरुनर्गिस बताते हैं कि इंदौर में जब होल्कर राजा तुकोजी राव का शासन था, तब किन्नरों के गुरुने ताजिया रखने की शुरुआत की थी। ताजिया स्थापित करने के पीछे राज्य में अमन चैन और खुशहाली की कामना करना था। उस दौर में राज दरबार में ताजिया ले जाकर राजा से आशीर्वाद लिया जाता था।

नर्गिस कहते हैं कि उनकी (किन्नरों की ) कोई औलाद तो होती नहीं है, उनका परिवार तो पूरा शहर ही है। इस परिवार में खुशहाली और शान्ति रहे, इसकी दुआ वे मोहर्रम के दौरान ताजिया रखकर करते हैं। इस ताजिया को किन्नर खुद बनाते हैं। हजारों लोग यहां पहुंचकर मुराद मांग रहे हैं। इस ताजिये को इमामबाड़ा भी ले जाया जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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