मंदी की निराशा के बीच प्रवासी सम्मेलन के रंगारंग शुभारंभ की तैयारी पूरी
अगले तीन दिनों तक इस जमावड़े में प्रवासियों के साथ भारत के प्रगाढ़ रिश्ते पर गहन मंथन होगा। दुनिया के 42 से अधिक देशों के प्रवासी प्रतिनिधि चेन्नई ट्रेड सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग लेंगे। इस आयोजन को यादगार बनाने की पुरजोर तैयारी की गई है। सुरक्षा इंतजाम को लेकर पूरी चौकसी बरती गई है। शहर में जगह-जगह विशाल बैनर, पोस्टर और बिलबोर्ड लगाकर इस सम्मेलन की महत्ता से जनता को अवगत कराया है।
भारत और उसके प्रवासियों के बीच सेतु की भूमिका निभाने वाले इस सम्मेलन का समापन शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के भाषण से होगा। राष्ट्रपति शुक्रवार को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार देंगी।
विश्वव्यापी मंदी के इस दौर में इस सम्मेलन का खास महत्व है। भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में प्रवासी निवेशकों की भूमिका जगजाहिर है। ऐसे में इस मंदी से निपटने में वे भारत के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
सूरीनाम के उप राष्ट्रपति रामदेन सर्दजोई इसमें मुख्य अतिथि होंगे। अन्य प्रमुख अतिथियों में मारीशस के उप राष्ट्रपति अंगिदी चेट्टियार, फिजी के पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र चौधरी, पूर्व मलेशियाई मंत्री सामी वेल्लु शामिल होंगे। इसका आयोजन प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय, तमिलनाडु सरकार और भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा किया जा रहा है।
केंद्रीय गृहमंत्री पी़ चिदंबरम, विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी, प्रवासी भारतीय कार्य मंत्री वायलार रवि, रेल मंत्री लालू प्रसाद और वाणिज्य मंत्री कमलनाथ समेत कई हस्तियां इस सम्मेलन को संबोधित करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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