भगत सिंह के जन्म शताब्दी समारोह के नाम पर पानी की तरह बहा पैसा
चंडीगढ़, 6 जनवरी(आईएएनएस)। शहीदे आजम भगत सिंह के जन्म शताब्दी समारोह से जुड़े एक कार्यक्रम पर एक ही दिन पंजाब सरकार ने तीन करोड़ रुपए खर्च कर डाले। सूचना के अधिकार कानून(आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी से इसकी पुष्टि हुई है।
एक वर्ष तक चलने वाले इस समारोह का समापन भगत सिंह के गांव खटकर कलां में हुआ। 27 सितंबर 2008 को आयोजित इस कार्यक्रम पर सरकार ने तीन करोड़ खर्च किए। 1931 में 23 वर्ष की उम्र में भगत सिंह को फांसी दे दी गई थी।
इस समारोह के शुभारंभ और समापन के लिए आयोजित दो कार्यक्रमों पर सरकार ने कुल छह करोड़ रुपए खर्च कर डाले। ऐसा उस महान विभूति के नाम पर किया गया जो जनता के हक की वकालत करते थे। नवांशहर के एक गैर सरकारी संगठन हेल्प ने इसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए आरटीआई आवेदन दिया था।
समापन कार्यक्रम के लिए मंच के निर्माण, लाउडस्पीकर, कुर्सियों आदि की व्यवस्था पर ही 1़5 करोड़ रुपए खर्च कर डाले गए। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, केंद्रीय पर्यटन मंत्री अंबिका सोनी और कई नेताओं ने हिस्सा लिया था।
आयोजकों ने इसमें भाग लेने वाले मेहमानों के ठहरने, उनकी यात्रा, खान-पान और दूसरी शाही सुविधाओं पर 1़127 करोड़ रुपए खर्च किए। 19 लाख रुपए इस कार्यक्रम के वीडियो और टीवी प्रोडक्शन पर खर्च किए गए। 11 लाख रुपए कार्यक्रम के विज्ञापन के नाम पर खर्च कर दिए गए। समारोह के नाम पर फिजूलखर्ची की कई और मिसाल कायम की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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