ग्वालियर-चंबल में ठंड का कहर, स्कूलों में छुट्टी
प्रदेश के बुन्देलखंड, महाकौशल, विंध्य, मालवा और मध्य क्षेत्र में ठंड ने अब तक वैसे तेवर नहीं दिखाए हैं, जैसे पिछले वर्षो में हुआ करते थे। पिछले पखवाड़े में एक दो दिनों को छोड़ दिया जाए तो पारा अपने न्यूनतम स्तर तक भी नहीं पहुंच पाया है।
शेष मध्यप्रदेश के विपरीत ग्वालियर, चंबल इलाके में बीते दो दिनों से शीतलहर और कोहरे से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ठंड के कारण माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों में पांच से सात जनवरी तक तीन दिन के लिए अवकाश घोषित किया गया।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रो़ विजय सिंह ने आईएएनएस को बताया है कि कोहरे से मिलने वाली नमी तो फसल के लिए लाभदायक है, लेकिन ज्यादा दिन तक सूर्य का न निकलना नुकसानदायक हो सकता है।
प्रो़ सिंह ने बताया है कि सरसों की फली अभी तैयार हो रही है और उसे सूर्य की रोशनी न मिलना नुकसानदायक है। वहीं गेहूं और चने के पौधों की वृद्धि इस माहौल में रुक सकती है। लिहाजा यह हालात ज्यादा दिन तक रहने से फसलों को नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्वालियर, चंबल अंचल के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी बढ़ी ठंड और गहराए कोहरे ने आवागमन को भी प्रभावित कर दिया है। एक तरफ कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, वहीं भोपाल आने और यहां से गुजरने वाली यात्री गाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं। दिल्ली से भोपाल आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस तो चार घंटे की देरी से आई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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