पाकिस्तान का मुंबई हमलों की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति का दावा
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार कुरैशी ने एक स्थानीय समाचार चैनल 'जियो' को बताया, "जांच कार्य प्रगति पर है और हम अपने निष्कर्षो का विश्लेषण कर रहे हैं। " वे 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' में प्रकाशित उस खबर पर टिप्पणी कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान की अपनी जांच में भी मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले 10 आतंकवादियों का संबंध आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से पाया गया है।
कुरैशी ने कहा, " 'मैं वॉल स्ट्रीट जर्नल' की खबर पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। यदि मैं ऐसा करूंगा तो इससे जांच प्रभावित होगी।"
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा है कि लश्कर-ए- तैयबा के एक स्वयंभू कमांडर जरार शाह ने पूछताछ के दौरान मुंबई हमलों में अपनी भूमिका कबूल की है।
जांच से संबद्ध एक अधिकारी ने बताया कि जरार ने कबूल किया है कि हमलों की साजिश में उसने भी अहम भूमिका निभाई। हमले के दौरान उसने हमलावरों को सलाह देने के लिए उनसे बातचीत भी की।
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक शाह ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के एक पवर्तीय इलाके में 10 बंदूकधारियों को प्रशिक्षण दिया गया और वे नौका के जरिए कराची से मुंबई पहुंचे। मुंबई रवाना होने से पहले हमलावर कराची में भी ठहरे जहां उन्हें शहरों में हमले के दौरान अपनाए जाने वाले कई हथकंडे सिखाए गए।
कुरैशी ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है। यदि कुछ लोगों का मुंबई हमलों में हाथ है और भारत इस बारे में हमें सबूत देता है तो अपनी न्यायिक प्रणाली के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।"
कुरैशी ने कहा, "हम अपनी जांच गंभीरता से कर रहे हैं और मैं आपको बता देना चाहता हूं कि पाकिस्तानी अपनी विश्वसनीयता दाव पर नहीं लगाएगा। आतंकवाद से निपटने के लिए भारत और पाकिस्तान को दोषारोपण की जगह सहयोगी रवैया अपनाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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