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अभियंता की हत्या को लेकर गरमाई उत्तरप्रदेश की राजनीति (राउंडअप)

By Staff
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उधर मुख्यमंत्री मायावती ने गुप्ता के परिजनों की मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को खारिज कर दिया। इन घटनाओं ने एक बार फिर सूबे की राजनीति को गरमा दिया है।

सपा की उत्तरप्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और पार्टी के युवा सांसद अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में राजभवन के सामने धरना दिया और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी झ्झड़प भी हुई।

शिवपाल सिंह ने पत्रकारों से कहा कि आमतौर पर जन्मदिन पर तोहफे के रूप में फूल मांगे जाते हैं लेकिन सूबे की मायावती सरकार अपने जन्मदिन पर खून मांग रही हैं। वे माफियाओं और गुंडों से चंदा उगाही कराकर पूरे राज्य की जनता को लूटने में लगी हैं। यादव ने बसपा सरकार को तत्काल बर्खास्त किए जाने की मांग की।

सपा सांसद जयाप्रदा ने मनोज गुप्ता की हत्या के विरोध में अपने संसदीय क्षेत्र रामपुर में गिरफ्तारी दी। इस दौरान उनके सैकड़ों समर्थकों ने भी गिरफ्तारियां दीं।

बंद का असर लखनऊ के अलावा इलाहाबाद, कानपुर, वाराणसी समेत सभी प्रमुख शहरों में देखा गया। वहां के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पूरे प्रदेश में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इलाहाबाद और मुगलसराय में ट्रेनें रोककर सपा कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश प्रकट किया। औरैया में सपाइयों और पुलिस के बीच पथराव भी हुआ।

इस बीच दिवगंत अभियंता मनोज गुप्ता के शव को उनके लखीमपुर खीरी स्थित उनके पैतृक निवास ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गुप्ता के शव पर 32 चोटों के निशान पाए गए हैं। नाम न बताने की शर्त पर पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम के एक डॉक्टर ने बताया कि मनोज गुप्ता को बुरी तरह पीटा गया था। उनका एक हाथ तोड़ दिया गया था और सिर के बाल उखाड़ लिए गए थे। इसके अलावा उन्हें बिजली का करंट भी दिया गया था।

उधर, मुख्यमंत्री मायावती ने गुप्ता के परिजनों की गुप्ता की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग खारिज कर दी है। दिवगंत अभियंता के भाई शरद गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि उनके परिवार को राज्य सरकार की पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए हत्या की जांच सीबीआई से कराई जाए।

लखनऊ में संवाददाताओं से चर्चा में मायावती ने कहा कि अभियंता मनोज गुप्ता की हत्याकांड से जुड़े दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, वह चाहे कोई भी क्यों न हों। मायावती ने साफ किया कि घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। ज्ञात हो कि अभियंता मनोज के परिजनों ने हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

सपा द्वारा गुप्ता की हत्या की वजह चंदा उगाही बताए जाने के आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए मायावती ने कहा कि सपा मेरी सरकार के खिलाफ साजिश रच रही है। उन्होंने इस हत्या के पीछे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का हाथ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अपराधी तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी, चाहे वह उनकी अपनी ही पार्टी का ही क्यों न हो।

मायावती ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "जब से मैं मुख्यमंत्री बनी हूं राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। इस मामले में जैसे ही मुझ्झे खबर मिली मैंने अपनी पार्टी के विधायक को जेल भेज दिया।"

उन्होंने कहा कि अगर मेरी पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता जनता से पैसे मांगता पकड़ा गया तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। मैंने कभी अपने किसी कार्यकर्ता को जन्मदिन के लिए पैसे एकत्र करने को नहीं कहा। इस घटना को मेरे जन्मदिन से जोड़कर देखना गलत है। यह पूरी तरह विपक्षी पार्टियों की साजिश है।

उधर सपा ने चंदा उगाही का शिकार हो रहे कर्मचारियों के लिए जल्द ही एक हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है। सांसद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि इस हेल्पलाइन में अभियंता मनोज गुप्ता की तरह वसूली का शिकार हो रहे सरकारी कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि औरैया में बुधवार को मनोज गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बसपा के स्थानीय विधायक शेखर तिवारी पर गुप्ता की हत्या करवाने का आरोप है। आरोपी शेखर तिवारी को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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